VIDEO : दुनिया में तेजी से बढ़ रहा ई-कॉमर्स बिज़नेस : ‘अलीबाबा’ ने एक दिन में बेचा रिकॉर्ड 2.7 लाख करोड़ का सामान

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 12 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। दुनिया में इंटरनेट आधारित ई-कॉमर्स बिज़नेस तेजी से विकास कर रहा है। एक अध्ययन के अनुसार ई-कॉमर्स उद्योग हर 30 सेकण्ड में लगभग 12 लाख डॉलर यानी लगभग 7.80 करोड़ रुपये का कारोबार कर रहा है। इसी बीच चीनी ई-कॉमर्स कंपनी ‘अलीबाबा’ ने बीते दिन सोमवार को एक दिन में यानी 24 घण्टे में 38.4 बिलियन डॉलर यानी लगभग 2.7 लाख करोड़ रुपये का सामान ऑनलाइन बेच कर नया रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी की ओर से हर साल 11 नवंबर को सिंगल्स डे सेल उत्सव मनाया जाता है। इस साल कंपनी ने इस उत्सव में पिछले साल 2018 के मुकाबले बिक्री में 25 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है। 11 नवंबर 2018 में कंपनी ने 30.7 बिलियन डॉलर यानी लगभग 2.19 लाख करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की थी, जबकि उससे भी पहले 11 नवंबर 2017 को 25.3 बिलियन डॉलर की बिक्री की थी। कंपनी का दावा है कि उसने 90 मिनट यानी डेढ़ घण्टे से भी कम समय में 1,630 करोड़ डॉलर से अधिक की बिक्री की। इस साल के कंपनी के सिंगल्स डे सेल इवेंट में 78 देशों के अलग-अलग क्षेत्रों के 22 हजार से भी अधिक इंटरनेशनल ब्राण्ड्स शामिल हुए थे। एक रिपोर्ट के अनुसार चीनी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा ने पहले 1 मिनट और 8 सेकण्ड में 7,100 करोड़ रुपये यानी लगभग 1 अरब डॉलर का बिज़नेस किया, वहीं एक घण्टे में 85,680 करोड़ रुपये यानी 84 अरब यूआन का कारोबार किया। निवेशक भी बारीकी से देख रहे हैं कि कैसे देश की आर्थिक विकास दर 6 प्रतिशत से नीचे होने के बावजूद चीनी उपभोक्ता ऑनलाइन खरीदी के लिये उत्सुक दिख रहे है।

क्या है सिंगल्स डे सेल इवेंट ?

अलीबाबा कंपनी की यह सेल उसके डेडिकेटेड चैनल टीमॉल ग्लोबल पर आयोजित की गई थी। चीन में कंपनी ने 2009 से हर साल 11 नवंबर को कंवारे लोगों के लिये सिंगल्स डे मनाने की शुरुआत की है। इस इवेंट के लिये 11 नवंबर का दिन इसलिये चुना गया, क्योंकि अंक ‘1’ सिंगल लोगों की तरह दिखता है। इसके अलावा लोग अपने रिश्तों को सेलिब्रेट करने के लिये भी इस दिन को चुनते हैं। अब यह फेस्टिवल दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन शॉपिंग फेस्टिवल बन चुका है।

भारत में ई-कॉमर्स बिज़नेस की ग्रोथ

भारत में ई-कॉमर्स बिज़नेस की बात करें तो देश में ऑनलाइन खरीदारी का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है और अब यह उद्योग छोटे शहरों तथा ग्रामीण इलाकों तक भी अपनी पहुँच बना रहा है। अभी देश में लगभग 800 अरब डॉलर की ऑनलाइन खरीदी हो रही है। 2025 तक यह आँकड़ा बढ़ कर 2,000 अरब डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद की जा रही है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि यह उद्योग कितनी तेजी से विकास कर रहा है। पिछले कुछ सालों में ऑनलाइन खरीदारी में तेजी आई है। इसके बावजूद देश में ऑनलाइन खरीदारी अभी भी मात्र 2-3 प्रतिशत ही है और यह क्षेत्र तेजी से वृद्धि को बरकरार रखते हुए 2025 तक 10 प्रतिशत हो जाएगा। एक सर्वे के अनुसार 2034 तक ऑनलाइन शॉपिंग के मामले में भारत अमेरिका को पीछे छोड़ कर सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा।

केन्द्र सरकार भी ला रही है ई-कॉमर्स पॉलिसी

ई-कॉमर्स क्षेत्र के बढ़ते विकास को देखते हुए केन्द्र सरकार भी एक साल के भीतर राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति लाने का सक्रिय विचार कर रही है। ई-कॉमर्स में एफडीआई को लेकर सरकार ने अभी तक वर्तमान नियमों में कोई बदलाव नहीं किया है, परंतु भारत डाटा और ई-कॉमर्स के अन्य मुद्दों पर दुनिया के साथ जुड़ना चाहता है। इन मुद्दों पर सरकार खुदरा व ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ चर्चा करेगी। सरकार एफडीआई पर विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों के डाटा सम्बंधी कुछ शिकायतों को दूर करने और ई-कॉमर्स नीति का मसौदा तैयार करने के लिये उद्योग संवर्धन व आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के तहत एक अंतर-मंत्रालयी पैनल गठित करेगी।

भारतीय खुदरा व्यापारियों को आधुनिक बनने की आवश्यकता

भारत में परंपरागत खुदरा व्यापार करने वाले विभिन्न क्षेत्रों के व्यापारियों की शिकायत है कि ऑनलाइन ई-कॉमर्स कंपनियों के कारण उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है। ऐसे में उन्हें ऑनलाइन ई-कॉमर्स कंपनियों का विरोध करने के बजाय खुद को ही समर्थ और आधुनिक बनाने की आवश्यकता है। उन्हें भी अपने एसोसिएशन की मदद से अपने कारोबार को ऑनलाइन करने की आवश्यकता है। एक शहर के छोटे से स्तर से शुरू करके इससे सभी शहरों के एसोसिएशनों को जोड़ कर वे भी अपने कारोबार को पूरे देश में ई-कॉमर्स में तब्दील कर सकते हैं। ऐसा करने से वे इंटरनेशनल ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ तगड़ी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

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