फिर गहरा सकता है डोकलाम विवाद

China claims Doklam territory but ready to talk on CPEC.

नई दिल्ली। डोकलाम विवाद एकबार फिर से गरमा गया है। चीन अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि भारत और चीन को डोकलाम समेत तमाम सीमा विवाद शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहिए। डोकलाम (Doklam Territory) को लेकर कहा गया कि वह चीन का हिस्सा है इसलिए वहां विकास के काम जारी हैं।

भारतीय एम्बेसडर ने चीनी मीडिया को क्या कहा था ?

चीन की तरफ से यह बयान चीन में भारत के एम्बेसडर गौतम बंबावले के हालिया इंटरव्यू के बाद आया है। भारतीय राजदूत ने पिछले दिनों चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स को इंटरव्यू दिया था। इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि भारत और चीन के बीच 3448 किलोमीटर की सीमा है। सीमा के संवेदनशील क्षेत्रों के यथास्थिति में बदलाव नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही दोनों देशों के बीच जो तनाव है उसे बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है। बातचीत के लिए दोनों देश की तरफ से अनुकूल माहौल बनाने की कोशिश हो।

73 दिनों तक आमने-सामने रहे थे दोनों देश के सैनिक

गौतम बंबावले के बयान के बाद चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि सेटेलाइट इमेज से साफ पता चलता है कि डोकलाम क्षेत्र (Doklam Territory) हमारा है इसलिए चीन वहां निर्माण काम कर रहा है। डोकलाम को लेकर चीन के रवैये में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बता दें 16 जून 2017 को दोनों देश की सेना एक दूसरे के आमने-सामने आ गई थी। 73 दिनों के बाद 28 अगस्त को पीएम मोदी के बीजिंग दौरे से पहले यह विवाद किसी तरह सुलझा लिया गया था।

CPEC को लेकर बातचीत को तैयार चीन

इस बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। चीनी विदेश मंत्रालय की तरफ से CPEC को लेकर भी बयान जारी किया गया जिसमें कहा गया है कि चीन इस संबंध में भारत से बातचीत करने को तैयार है। चीन 50 अरब डॉलर की लागत से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा जिसे CPEC (China Pakistan Economic Corridor) भी कहते हैं, बना रहा है। यह सड़क पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है जिसका भारत विरोध कर रहा है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुयिंग ने कहा कि राष्ट्रीय हितों के खातिर चीन बातचीत के लिए तैयार है।

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