अब शाह बनेंगे ‘शहंशाह’ : कश्मीर में आतंकियों के लिये फंड जुटाने वालों पर कसेंगे शिकंजा

अहमदाबाद, 16 जून 2019 (युवाप्रेस डॉट कॉम)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार-2 में नंबर 2 का स्थान रखने वाले अमित शाह ने जब से गृह मंत्रालय का कार्यभार सँभाला है, तब से ही उन्होंने जम्मू-काश्मीर पर सबसे ज्यादा ध्यान केन्द्रित किया हुआ है। अब शाह कश्मीर में ‘शहंशाह’ की भूमिका निभाने वाले हैं। अब उन्होंने आतंक की साँसें रोकने के लिये उन्हें ऑक्सीज़न देने वालों पर शिकंजा कसने का फैसला किया है यानी कि अब कश्मीर में आतंकियों के लिये टेरर फंड जुटाने वालों की शामत आने वाली है।

यूँ तो जब से केन्द्र में मोदी सरकार आई है, तब से ही यानी कि 2014 से ही मोदी सरकार ने कश्मीर में आतंक के विरुद्ध मुहिम चलाई हुई है और सेना को आतंकियों के सफाये के लिये ऑपरेशन ऑल आउट की कमान सौंपी हुई है। सेना भी सफलतापूर्वक ऑपरेशन को अंजाम दे रही है। परिणामस्वरूप कश्मीर में आतंकियों को अपनी जान के लाले पड़े हुए हैं। मोदी की मुहिम से कश्मीर में आतंकवाद की कमर टूट चुकी है। मोदी सरकार ने अलगाववादी नेताओं पर पहले ही शिकंजा कस दिया है और अलगाववादी गतिविधियों के नाम पर चलाए जा रहे संगठनों के बैंक खाते भी सील कर दिये हैं। अलगाववादी नेताओं की न सिर्फ सुरक्षा वापस ले ली है, बल्कि उनके खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज करके कानूनी कार्यवाही की जा रही है।

अब आतंकियों के लिये फंड जुटाने वालों के बुरे दिन शुरू

जब से मोदी सरकार-2 सत्ता में आई है और अमित शाह गृह मंत्री बने हैं, तब से उन्होंने भी कश्मीर में आतंकवाद को ही अपना टारगेट बनाया है। किसी भी वृक्ष को हरा-भरा रखने में जड़ की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो भूमि से पोषक तत्वों को खींचकर वृक्ष को ऊर्जा प्रदान करती है और उसी के कारण वृक्ष हरा-भरा रहता है। इसलिये शाह ने भी आतंकवाद की जड़ पर कड़ा प्रहार करने की योजना बनाई है। यह जड़ है आतंकवाद के लिये होने वाली फंडिंग। शाह ने आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिये आवश्यक हथियार और विस्फोटक सामग्री के लिये जरूरी फंड जुटाने वालों और फंड देने वालों पर शिकंजा कसने का निर्णय किया है।

टेरर मॉनिटरिंग ग्रुप का हुआ गठन

इस निर्णय के तहत शाह ने एक ‘टेरर मॉनिटरिंग ग्रुप (TMG)’ का गठन किया है। सीआईडी के एडीजीपी इस ग्रुप के अध्यक्ष होंगे तथा आईबी, एनआईए, सीबीआई, सीबीसी, सीबीडीटी और ईडी के लोगों को इस ग्रुप में शामिल किया गया है। यह ग्रुप आतंकवादियों और उनकी आतंकवादी गतिविधियों को पोषण देने के लिये फंड जुटाने वालों और फंड देने वालों की जानकारी जुटाएगी और उसकी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को देगी, जिसके आधार पर गृह मंत्रालय इन लोगों के विरुद्ध तुरंत कड़ी कार्यवाही करेगा।

इस ग्रुप की हर सप्ताह बैठक होगी। बैठक में जुटाई गई जानकारियों की समीक्षा की जाएगी और रिपोर्ट तैयार करके गृह मंत्रालय को सौंपी जाएगी। इस प्रकार इस ग्रुप पर आतंकवाद को शह देने वाले संगठनों और उनके नेताओं पर नज़र रखने और उनके बारे में गृह मंत्रालय को निशानदेही करने की जिम्मेदारी होगी। यह ग्रुप राष्ट्रदोही तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और आतंकियों के लिये फंड जुटाने वाले सभी चैनलों का पता लगाएगी। इससे सरकार को ऐसी गतिविधियों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने में आसानी होगी और भविष्य में टेरर फंडिंग पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

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