Space में China के जवाब में India और Japan ने मिलाया हाथ

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एशिया की बात करें तो आज China की बढ़ती ताकत सभी देशों के लिए सिरदर्द बन गई है। यही वजह है कि चीन का मुकाबला करने के लिए एशिया के कई देश आपस में सहयोग बढ़ा रहे हैं। एशिया की दो प्रमुख शक्तियों India  और Japan का बढ़ता सहयोग भी इसी निगाह से देखा जा रहा है। बता दें कि तकनीक और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के बाद अब भारत और जापान (India Japan) अंतरिक्ष  के क्षेत्र में भी साथ आने पर विचार कर रहे हैं।

पानी के स्त्रोतों का लगाएंगे पता

Financial Times की एक रिपोर्ट के अनुसार, चंद्रमा पर खोज (Moon Exploration) के लिए भारत और जापान साथ आने पर सहमत हुए हैं। एक प्रोजेक्ट के तहत भारत और जापान चांद के पोलर इलाके में पानी के स्त्रोत खोजने का प्रयास करेंगे। दरअसल चांद के पोलर क्षेत्र में पानी के बड़े स्त्रोत होने का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसे में भारत और जापान चांद पर पानी के इन अज्ञात स्त्रोतों का पता लगाकर इस ग्रह पर जीवन की संभावनाएं तलाशने का प्रयास करेंगे। गौरतलब है कि चीन भी स्पेस में अपनी ताकत लगातार बढ़ा रहा है, यही वजह है कि भारत और जापान भी अब चीन का मुकाबला करने के लिए अपने स्पेस प्रोग्राम में तेजी लाने जा रहे हैं।

India Japan Lunar Mission

फाइनेंसियल टाइम्स के साथ बातचीत करते हुए Japan Aerospace Exploration Agency (JAXA) के एक अधिकारी हिरोकी फूरीहाता ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि “आने वाले वक्त में भारत और जापान मिलकर चांद पर खोज शुरु करने वाले हैं।” उन्होंने कहा कि “अगर दोनों देश इस दिशा में मिलकर काम करें तो इससे दोनों देशों को फायदा होगा।”

दोनों देशों को होगा फायदा

बता दें कि जापान ने साल 2007 में सफलतापूर्वक अपना Lunar Mission पूरा कर चुका है। वहीं भारत ने अपना चंद्रयान (Chandrayaan-1) मिशन साल 2008 में लॉन्च किया था। इसके साथ ही भारत साल 2018 में Chandrayaan-2 को भी लॉन्च करने की योजना बना रहा है। खबरों के अनुसार, भारत और जापान के बीच इस संबंध में बातचीत जारी है और साल 2019 तक भारत और जापान (India Japan) साथ आ सकते हैं। जापान का H2-B रॉकेट सैंकड़ों किलो वजन को अंतरिक्ष में ले जा सकता है, जबकि भारत के लॉन्च व्हीकल की क्षमता सिर्फ 50-70 किलो ही है। ऐसे में भारत को जापान से लॉन्च व्हीकल की मदद मिल सकती है।

India Japan Lunar Mission

वहीं जापान के साथ अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भारत भी उत्साहित है। भारत के Institute of Defence Studies and Analysis के सीनियर रिसर्च फेलो अजय लेले का कहना है कि “यदि दोनो देश (India Japan) अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग करते हैं तो दोनों देशों की तकनीक और आर्थिक सहयोग की मदद से अंतरिक्ष के क्षेत्र में काफी कुछ पाया जा सकता है।”

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Science · Technology

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