Lockdown in India : अपने बच्चों के साथ यह गेम जरूर खेलें, जानिए क्यों ? #ExpertAdvice

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#Lockdown : मोबाइल पर ही खेलनी है GAME , तो CHESS क्यों नहीं ?

दिमागी कसरत के साथ होंगे ये चामत्कारिक फायदे

रिपोर्ट : Yuva Press News

अहमदाबाद, 04 May, 2019 (YuvaPRESS)। आज कल स्मार्ट फोन ने सभी को क्रेज़ी कर रखा है। बच्चे हों या बूढ़े, पुरुष हों या महिलाएँ, सब मोबाइल इंटरनेट के जाल में फँसे हुए हैं। विशेष कर अधिकांश युवा तथा बच्चे मोबाइल पर गेम खेलना पसंद करते हैं, परंतु कौन से गेम खेलने चाहिये और कौन-से नहीं ? इसका विवेक होना अत्यावश्यक है, क्योंकि कई गेम दिमाग पर गहरा असर करते हैं और कुछ गेम तो ऐसे हैं, जो हिंसा और वासनाओं को बढ़ावा देते हैं। इसीलिये माता-पिता को चाहिये कि वे अपने बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत तथा सज्जन बनाने के लिये अपने बच्चों को ऐसे गेम खेलने के लिये प्रोत्साहित करें, जो उनके शारीरिक-मानसिक विकास के साथ-साथ भावी जीवन के संस्करण में भी उपयोगी सिद्ध हों। ऐसा ही एक गेम है चेस या शतरंज। यह गेम दो खिलाड़ियों के बीच खेला जाता है। यह गेम मनोरंजक तो है ही, इसी के साथ बौद्धिक क्षमता भी बढ़ाता है। इसके अलावा भी इस गेम के कई अन्य लाभ हैं।

व्यसन मुक्ति और संस्करण में भी मददगार है चेस

दिल्ली चेस एसोसिएशन के सचिव ए. के. वर्मा ने युवाPRESS के मुख्य संपादक आई. के. शर्मा से बातचीत करते हुए कहा कि कई वैज्ञानिक सर्वे में यह तथ्य सामने आया है कि शतरंज के खेल से व्यक्ति का शारीरिक और मानसिक विकास तेजी से होता है। इस खेल में व्यक्ति को अपने मस्तिष्क को स्थिर रख कर सोचना पड़ता है। इससे व्यक्ति के अंदर वैचारिक क्षमता बढ़ती है और वैचारिक स्थिरता, स्थायित्व, लयबद्धता आती है। यह खेल मस्तिष्क से व्यायाम कराता है, जिससे व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता का विकास होता है और व्यक्ति शारीरिक तथा मानसिक रूप से मजबूत बनता है। जब व्यक्ति बुद्धिमान बनता है तो उसमें अच्छे-बुरे को समझने का विवेक भी जागृत होता है, जिससे वह अपने लिये अच्छे गुणों का चुनाव करता है और ये अच्छे गुण उसके भविष्य तथा जीवन में निखार लाते हैं। इस खेल में एक स्थान पर लंबे समय तक बैठ कर चाल चलने के लिये सोचना पड़ता है, जिससे व्यक्ति को अन्य विचार नहीं आते हैं, यहाँ तक कि जो व्यक्ति व्यसनी है, उसे व्यसन भी स्मरण नहीं रहता है। इस प्रकार इस खेल के अनेक चामत्कारिक लाभ होने से युवाPRESS बुद्धिजीवी नागरिकों तथा माता-पिता से अपनी संतानों के सुनहरे भविष्य के लिये, उन्हें देश का एक सज्जन और जागृत नागरिक बनाने के लिये बच्चों को शतरंज का गेम खिलाने की सिफारिश करता है।

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Health · Personality development

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