इरफान खान न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर नामक बीमारी जूझ रहे हैं

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Neuro Endocrine Tumour

नई दिल्ली: पिछले कुछ दिनों से बॉलीवुड जगत से दुख भरी खबरें आने का सिलसिला चल रही थी। कुछ दिन पहले अभिनेता इरफान खान ने खुद यह बताया था कि हमें एक दुर्लभ बीमारी हो गई है। हाल ही में उन्होंने इसको लेकर खुलासा किया है कि उन्हें Neuro Endocrine Tumour नामक बीमारी हुई है।

इरफान खान ने अपने ट्वीट में लिखा है कि ‘‘जीवन में अनपेक्षित बदलाव आपको आगे बढ़ना सिखाते हैं। मेरे बीते कुछ दिनों का लब्बोलुआब यही है। पता चला है कि मुझे Neuro Endocrine Tumour हो गया है। इसे स्वीकार कर माना मुश्किल है। लेकिन मेरे आसपास जो लोग हैं, उनका प्यार और उनकी दुआओं ने मुझे शक्ति दी है। कुछ उम्मीद भी बंधी है। फिलहाल बीमारी के इलाज के लिए मुझे देश से दूर जाना पड़ रहा है। लेकिन मैं चाहूंगा कि आप अपने संदेश भेजते रहें ‘‘। उन्होंने अपने बिमारी में आगे भी लिखा है, ‘‘न्यूरो सुनकर लोगों को लगता है कि ये समस्या जरूर सिर से जुड़ी बीमारी होगी. लेकिन ऐसा नहीं है। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप गूगल कर सकते हैं। जिन लोगों ने मेरे शब्दों की प्रतीक्षा की, इंतजार किया कि मैं अपनी बीमारी के बारे में कुछ कहूं। उनके लिए मैं कई और कहानियों के साथ जरूर लौटूंगा ‘‘।

Neuro Endocrine Tumour इसके लक्षण?

मरीज के शरीर में ये Neuro Endocrine Tumors किस हिस्से में हुआ है, उसी से इसके लक्षण बारे में पता चलता हैं।
अगर यह बीमारी पेट में हो जाए तो मरीज को लगातार कब्ज की शिकायत रहेगी।
अगर यह बीमारी फेफडों में हो जाए तो मरीज को लगातार बलगम रहेगा।
इस बीमारी के हो जाने के बाद मरीज का ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल बढ़ता-घटता रहता है।

बीमारी के कारण?

डॉक्टर अभी तक इस बीमारी के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए हैं।
Neuro Endocrine Tumour होने के विविध कारण हो सकते हैं।
यह बीमारी आनुवांशिक रूप से भी होती है। माना जाता है कि जिनके परिवार में इस तरह के मामले पहले रह चुके हों, वो लोग इसके रिस्क में ज्यादा होते हैं।
इस बीमारी को पहचानने के लिए कई डिटेल ब्लड टेस्ट, स्कैन और बायोप्सी करने पडते हैं। जिसके बाद ही ये बीमारी पकड़ में आती है।

क्या हैं Neuro Endocrine Tumour का उपचार?

बहरहाल इसका उपचार करने के लिए ट्यूमर किस स्टेज में है, वो शरीर में किस हिस्से में है और मरीज की सेहत कैसी है। इन सबके आधार पर ही ये तय होता है कि मरीज का उपचार कैसे किस तरह करना है।
Tumors को Surgery के जरिए भी निकाला जा सकता है।
मगर ज्यादातर मामलों में सर्जरी का इस्तेमाल बीमारी पर काबू करने के लिए किया जाता है।
इसके अलावा मरीज को ऐसी दवाएं दी जाती हैं जिससे कि शरीर कम मात्रा में हार्मोन छोड़े।

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