WORLD CUP इतिहास में पहली बार में TEAM INDIA के चयन में BCCI ने रचा अनोखा इतिहास : CLICK कीजिए और जानिए

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विश्व क्रिकेट में 1975 से विश्व कप टूर्नामेंट खेलने की शुरुआत हुई। 2019 में 12वाँ क्रिकेट विश्व कप टूर्नामेंट खेला जायेगा। विश्व कप टूर्नामेंट के पिछले 44 साल के इतिहास में जो अभी तक कभी नहीं हुआ, वह इस बार हुआ है। अभी तक 11 बार विश्व कप टूर्नामेंट खेल चुकी भारतीय क्रिकेट टीम में पहली बार एक नहीं, दो नहीं, तीन भी नहीं, बल्कि चार-चार ऑल राउण्डर खिलाड़ियों को जगह दी गई है। इनमें केदार जाधव, रवीन्द्र जाड़ेजा, हार्दिक पांड्या और विजय शंकर शामिल हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम ने पहली बार 1983 में क्रिकेट विश्व कप जीता था और इस जीत के हीरो उस समय की टीम के कप्तान कपिल देव थे, जो ऑल राउण्डर थे। उन्होंने ही गैंदबाजी और इसके बाद बल्लेबाजी में श्रेष्ठ प्रदर्शन करके टीम को मैच दर मैच आगे ले जाने के साथ-साथ अंत में फाइनल मैच जिताकर विश्व विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। हालाँकि कपिल देव के बाद ऐसा ऑल राउण्डर खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट टीम में चुनना सेलेक्टरों के लिये आज भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके बावजूद चार-चार ऑल राउण्डर खिलाड़ियों को टीम में चुनने के पीछे चयनकर्ताओं का मकसद टीम को गैंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों ही वर्ग में मजबूत बनाना है। हालाँकि यह चार ऑल राउण्डर खिलाड़ी 15 सदस्यीय टीम में चुने गये हैं, जो एक साथ कदाचित ही प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनेंगे, परंतु तीन ऑल राउण्डर प्लेइंग इलेवन में खेलते दिखाई दे सकते हैं। क्योंकि विजय शंकर को बतौर बल्लेबाज 4 नंबर पर खेलने के लिये चुना गया है, जबकि छठवें नंबर के लिये केदार जाधव और सातवें नंबर के लिये हार्दिक पांड्या को टीम में जगह दी गई है। रवीन्द्र जाड़ेजा की जगह प्लेइंग इलेवन में तब ही बन पायेगी, जब दो स्पिनरों युजवेन्द्र चहल और कुलदीप यादव में से किसी एक को आराम दिया जायेगा और विश्व कप टूर्नामेंट के मैचों में ऐसा कदाचित ही देखने को मिले कि कोहली कुलचा की जोड़ी को खंडित करें। आपको बता दें कि वर्ष 2003 और वर्ष 2011 के विश्व कप की भारतीय टीम में तीन-तीन ऑल राउण्डर खिलाड़ियों को चुना गया था, जबकि 1975 और 1996 के विश्व कप की भारतीय टीमों में एक भी हरफन मौला खिलाड़ी नहीं चुना गया था।

विराट कोहली की कप्तानी वाली वर्तमान 15 सदस्यीय टीम पर भारत को तीसरी बार विश्व कप जिताने की जिम्मेदारी है। इस टीम में प्रदर्शन और अनुभव दोनों के आधार पर सीनियर और युवा खिलाड़ियों का संतुलित समन्वय किया गया है। पूर्व क्रिकेटरों की मानें तो वर्तमान भारतीय टीम विश्व कप टूर्नामेंट के लिहाज से अब तक की सबसे मजबूत टीम चुनी गई है।

12 साल बाद डीके की विश्व कप की टीम में वापसी

भारतीय क्रिकेट टीम में महेन्द्रसिंह धोनी से भी पहले जगह बनानेवाले विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने पहला विश्व कप टूर्नामेंट 2007 में खेला था। इसके बाद 2011 और 2015 के विश्वकप की टीम में वह जगह नहीं बना पाये और अब 2019 का विश्व कप टूर्नामेंट खेलेंगे। इस प्रकार उनकी 12 साल बाद विश्व कप टूर्नामेंट खेलने वाली भारतीय टीम में वापसी हुई है। उनके लंबे क्रिकेट करियर और अनुभव के कारण उन्हें युवा और उत्साही विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के स्थान पर टीम में जगह दी गई है।

यह भी आश्चर्य की बात है कि एमएसके प्रसाद के नेतृत्व वाली 5 सदस्यीय चयन समिति ने विश्व कप 2019 की भारतीय टीम का चयन किया है, परंतु इस 5 सदस्यीय चयन समिति के किसी सदस्य ने स्वयं कभी कोई वर्ल्ड कप टूर्नामेंट नहीं खेला। यह पांच चयनकर्ता हैं एमएसके प्रसाद, देवांग गांधी, शरणदीप सिंह, जतिन परांजपे और गगन खोड़ा। यह सभी भारत के लिये अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके हैं।

आपको बता दें कि विश्व कप टूर्नामेंट में कुल दस टीमें खेल रही हैं। इनके बीच कुल 48 मैच खेले जाएंगे। इंग्लैंड में पांचवीं बार विश्व कप टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है।

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