WORLD CUP 2019 : बराबरी पर भारी बल, साहस जीता और श्रम हारा, 4 वर्षों की तैयारी ने पूरा किया 44 वर्ष पुराना सपना

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रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद, 15 जुलाई, 2019 (युवाPRESS)। 25 मई, 2019 से आरंभ हुआ क्रिकेट जगत का सबसे बड़ा महाकुंभ यानी वर्ल्ड कप 2019 का 51वें दिन यानी 14 जुलाई, 2019 रविवार को समापन हो गया। मेजबान इंग्लैण्ड ने फाइनल मुक़ाबला जीत कर विश्व कप 2019 पर कब्ज़ा कर लिया और दुनिया को अगले चार वर्षों के लिए नया विश्व चैम्पियन मिल गया। 1975 में इंग्लैण्ड में ही वर्ल्ड कप का सूत्रपात हुआ था, परंतु 44 वर्षों के इतिहास में इंग्लैण्ड ने पहली बार यह ख़िताब जीता। पिछले चार वर्षों की तैयारी से इंग्लैण्ड ने 44 वर्ष पुराना सपना साकार कर दिया।

वास्तव में वर्ल्ड कप टूर्नामेंट 2019 के फाइनल मैच में इंग्लैण्ड और न्यूज़ीलैण्ड के बीच काँटे का मुक़ाबला हुआ। न्यूज़ीलैण्ड ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 241 रन बनाए, तो इंग्लैण्ड भी 241 रन ही बना सका। फिर वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार सुपर ओवर हुआ। उसमें इंग्लैण्ड ने 6 गेंदों में 15 रन बनाए, तो जवाब में न्यूज़ीलैण्ड भी 6 गेंदों पर 15 रन ही बना सका। विश्व कप का ख़िताब हासिल करने की दौड़ में इंग्लैण्ड और न्यूज़ीलैण्ड के बीच दो-दो बार टाई हुई और अंतत: निर्णय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् (ICC) के नियमों के तहत ही लेना पड़ा।

10 बाउण्डरी से जीता इंग्लैण्ड-हारा न्यूज़ीलैण्ड

आईसीसी के नियमों के तहत जो निर्णय किया गया, उसके मुताबिक इंग्लैण्ड को विश्व विजेता वर्ल्ड चैम्पियन घोषित किया गया, जबकि न्यूज़ीलैण्ड पराजित (उप विजेता) घोषित किया गया। आईसीसी के इस नियम की मानें, तो इंग्लैण्ड-न्यूज़ीलैण्ड के मैच में बराबरी पर बल भारी पड़ा। श्रम पर साहस भारी पड़ा। ऐसा इसलिए, क्योंकि आईसीसी नियम के तहत फाइनल मैच में जिसने अधिक बाउण्डरी लगाई थीं, उस टीम को विजेता घोषित किया गया। इस मामले में इंग्लैण्ड भारी पड़ा, क्योंकि इंग्लैण्ड ने 241 रनों की पारी में 22 चौके और 2 छक्के सहित 24 बाउण्डरी लगाई थी, जबकि न्यूज़ीलैण्ड ने 241 रनों की पारी में 14 चौके और 2 छक्के सहित 14 बाउण्डरी ही लगाई थी। अब यह तो क्रिकेट प्रेमियों को समझाने की आवश्यकता है नहीं कि अधिक बाउण्डरी लगाना साहस का कार्य है, जबकि कम बाउण्डरी से बनाए गए रनों में दौड़ने की मेहनत अधिक रहती है। सीधा अर्थ यह हुआ कि न्यूज़ीलैण्ड के श्रम पर इंग्लैण्ड का साहस भारी रहा। कुल मिला कर यह भी कहा जा सकता है कि फाइनल मुकाबला इंग्लैण्ड ने न्यूज़ीलैण्ड से 10 बाउण्डरी से जीत लिया।

लीग मैचों में इंग्लैण्ड के रन न्यूज़ीलैण्ड से अधिक

वैसे लीग मैचों की यात्रा पर दृष्टि डालें, तो भी फाइनल में पहुँची दोनों टीमों में से इंग्लैण्ड ही वर्ल्ड कप 2019 का असली हक़दार जान पड़ता है, क्योंकि इंग्लैण्ड ने 30 मई से आरंभ हुए अपने वर्ल्ड कप अभियान में पहले बैटिंग करते हुए अधिकतर मैचों में 300 से अधिक रन बनाए। इंग्लैण्ड भले ही 9 लीग मैचों में से 6 ही जीत सका हो, परंतु उसकी सभी छहों जीत धमाकेदार रहीं। उसने 9 लीग मैच, सेमी फाइनल और फाइनल यानी कुल 11 मैचों में कुल 3,198 रन बनाए। दूसरी तरफ न्यूज़ीलैण्ड ने 8 लीग मैच खेले और 6 में जीत हासिल की, परंतु उसकी जीत इंग्लैण्ड की तरह चमकदार और धमाकेदार नहीं थीं। न्यूज़ीलैण्ड ने इस वर्ल्ड कप में 8 लीग मैच, सेमी फाइनल और फाइनल सहित कुल 10 मैच खेले और 2,178 रन ही बनाए, जो इंग्लैण्ड से 1,020 रन कम हैं। इस तरह कहा जा सकता है कि वर्ल्ड कप 2019 का असली हक़दार इंग्लैण्ड ही था।

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