जब मिताली से कहा गया, ‘भरतनाट्यम या क्रिकेट में से किसी एक को चुनो…’

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* महिला टी-20 क्रिकेट में खत्म हुआ 13 साल पुराना मिताली ‘राज’

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 3 सितंबर, 2019 (युवाPRESS)। महिला टी-20 क्रिकेट में पिछले 13 साल से भारत की जिस महिला क्रिकेटर ने अपना दबदबा बनाया हुआ था, वह अब मैदान पर नहीं दिखेगा। महिला क्रिकेट में भारतीय टीम की मजबूत पहचान बनाने वाली कप्तान मिताली राज ने टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। इसी के साथ क्रिकेट के इस फॉर्मेट में 13 साल पुराना मिताली ‘राज’ खत्म हो गया।

मिताली राज ने किया टी-20 क्रिकेट से संन्यास का ऐलान

क्रिकेट के टेस्ट, वनडे और टी-20 तीनों फॉर्मेट में कप्तान रही 36 साल की महिला क्रिकेटर मिताली राज ने मंगलवार को टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वह 2021 में आ रहे एक दिवसीय महिला क्रिकेट विश्व कप के लिये स्वयं को तैयार करना चाहती हैं और अपने देश के लिये विश्व कप जीतना उनका सपना है, इसलिये वह विश्व कप में अपना सर्व श्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती हैं। इसी कारण वह टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले रही हैं। मिताली राज ने संन्यास की घोषणा करते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को निरंतर समर्थन देने के लिये धन्यवाद कहा और भारतीय टी-20 टीम को शुभकामनाएँ दी, जो दक्षिण अफ्रीका की महिलाओं के विरुद्ध 24 सितंबर से शुरू हो रही 5 मैचों की घरेलू सीरीज़ की तैयारी कर रही है।

मिताली राज का क्रिकेट करियर

महिला टी-20 क्रिकेट करियर

मिताली राज महिला टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की प्रथम कप्तान हैं। उन्होंने वर्ष 2006 में डर्बी में इंग्लैंड के विरुद्ध पहली बार भारत के लिये क्रिकेट टीम की कप्तानी की थी। उन्होंने 89 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जिनमें 2,364 रन बनाए हैं। इनमें उन्होंने 17 अर्ध शतक लगाये हैं। टी-20 में उनका बेस्ट स्कोर 97 रन नाबाद है। यह महिला टी-20 इंटरनेशनल में भारत की ओर से रिकॉर्ड है। उन्होंने 32 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबलों में भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी की है। इनमें 2012 श्रीलंका, 2014 बांग्लादेश और 2016 भारत के महिला टी-20 विश्व कप भी शामिल हैं। मिताली राज ने अंतिम टी-20 मैच मार्च-2019 में गुवाहाटी में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था।

हिला एक दिवसीय क्रिकेट करियर

मिताली राज ने 1999 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण (डेब्यू) किया था। मिल्टन कीनेस में आयरलैंड के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने 114 रन नाबाद बनाये थे। अभी तक 203 वनडे इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इनमें उन्होंने 51.29 की औसत से 6,720 रन बनाये हैं। उन्होंने वनडे इंटरनेशनल में 7 शतक भी लगाये हैं। वनडे मैच वह खेलती रहेंगी और 2021 में महिला विश्व कप में खेलना उनका सपना है।

महिला टेस्ट क्रिकेट में मिताली का करियर

इसके अलावा मिताली राज ने 10 टेस्ट मैच भी खेले हैं, जिनमें 51.00 की औसत से 663 रन बनाये हैं। उन्होंने टेस्ट करियर की शुरुआत लखनऊ के मैदान पर इंग्लैंड के विरुद्ध खेलते हुए की थी। वह अपने पहले टेस्ट मैच में शून्य पर आउट हो गई थी। इसके बाद उन्होंने महिला टेस्ट क्रिकेट में कीर्तिमान स्थापित किया। जिसमें उनके नाम एक शतक (दोहरा शतक 214 रन) है। यह रिकॉर्ड उन्होंने 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ ही बनाया था। टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाली मिताली राज भारत की एक मात्र महिला क्रिकेटर हैं।

मिताली राज के रिकॉर्ड

मिताली राज पहली भारतीय महिला क्रिकेटर हैं, जिन्होंने टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 2000 या उससे अधिक रन बनाये हैं।

मिताली राज ने टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट के तीन विश्व कप श्रृंखलाओं में भारतीय टीम की कप्तानी की है। 2012, 2014 और 2016।

वह पहली भारतीय महिला क्रिकेटर हैं, जिन्होंने वनडे क्रिकेट के दो विश्व कप में भारतीय टीम की कप्तानी की है। 2005 और 2017।

महिला टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम सर्वाधिक 214 रन यानी दोहरे शतक का कीर्तिमान है।

नृत्यांगना से बनी क्रिकेटर

3 दिसंबर 1982 को जोधपुर राजस्थान में जन्मी मिताली राज की माँ का नाम लीला राज था जो एक अधिकारी थी, उनके पिता का नाम धीरज राज दोराई राज था, वह बैंक में नौकरी करने से पूर्व एयर फोर्स में थे और स्वयं भी क्रिकेटर थे। उन्होंने मिताली को प्रोत्साहित करने के लिये हर संभव प्रयास किया था। उसकी यात्रा के खर्च उठाने के लिये खर्चों में कटौती की थी। इसी प्रकार माँ लीला राज ने भी बेटी के लिये अनेक कुर्बानियाँ दी थी। बेटी की सहायता के लिये अपनी नौकरी तक छोड़ दी थी, ताकि जब वह थकी-हारी घर लौटे तो वह बेटी का ख्याल रख सकें। मिताली ने भरतनाट्यम नृत्य का प्रशिक्षण प्राप्त किया था और अनेक स्टेज पर कार्यक्रम भी दिये थे। क्रिकेट के कारण वह अपनी नृत्य कक्षाओं से दूर होती चली गई थी। तब नृत्य अध्यापक ने उसे क्रिकेट और नृत्य में से एक को चुनने की सलाह दी थी।

मिताली के संन्यास पर उठ रहे सवाल

हालाँकि मिताली राज ने 24 सितंबर से दक्षिण अफ्रीका के साथ होने वाली 5 मैचों की टी-20 घरेलू श्रृंखला के लिये खुद को उपलब्ध बताया था। तब ऐसा लग रहा था कि वह अगले साल ऑस्ट्रेलिया में फरवरी-मार्च-2020 में आयोजित होने वाले टी-20 विश्व कप में खेलती दिखाई देंगी, परंतु टी-20 विश्व कप से पहले चयनकर्ताओं ने युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिये मिताली राज को टीम में नहीं चुना। इसके बाद ही मिताली ने टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि परोक्ष रूप से उन पर संन्यास लेने का दबाव बनाया गया था अथवा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली जाने वाली सीरीज़ में नहीं चुने जाने से नाराज़ होकर मिताली राज ने संन्यास की घोषणा की है।

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