कौन है यह 22 साल का लड़का, जिसकी आंधी से थर्रा उठा टेनिस का ‘भगवान’ ?

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रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 27 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। भारत में अक्सर क्रिकेट की ही चर्चा होती है। गली-मोहल्लों, सड़क-नुक्कड़ों पर या घर पर भी लोगों को विराट कोहली, महेन्द्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा आदि खिलाड़ियों के खेल, रिकॉर्ड्स और प्रशंसा के पुल बांधते देखा-सुना जा सकता है। बहुत कम लोग होते हैं, जो क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की ओर से किए जा रहे शानदार प्रदर्शनों पर ग़ौर करते हैं या कर पाते हैं।

यही कारण है कि हमारे देश के लोग भारत और वेस्ट इंडीज़ के बीच शुरू हुई टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले मैच में भारत को मिली जीत की तो जम कर चर्चा कर रहे हैं, परंतु किसी का ध्यान अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से आई एक शानदार उपलब्धि पर नहीं गया। दरअसल न्यूयॉर्क में यूएस ओपन टेनिस टूर्नामेंट 2019 चल रहा है, जिसमें सोमवार को भारत के एक 22 वर्षीय उदीयमान खिलाड़ी ने टेनिस के भगवान कहे जाने वाले खिलाड़ी को अपने धारदार प्रदर्शन से भयभीत कर दिया। इस भारतीय खिलाड़ी का नाम है सुमित नागल, जिन्होंने टेनिस के भगवान कहे जाने वाले रोज़र फेडरर के विरुद्ध खेलते हुए पहले ही सेट में ऐसी ज़ोरदार चोट दी, जिसे देख कर एक बार फेडरर काँप उठे होंगे और उनके मन में यह भय पैदा हो गया होगा कि अगले 3 सेट में भी नागल ने यूँ ही नकेल कसी, तो एक अनुभवहीन खिलाड़ी से हार का मुँह देखना पड़ेगा।

यूएस ओपन में सोमवार को 22 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी सुमित नागल का मुक़ाबला दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी और 20 ग्रैंड स्लैम विजेता 38 वर्षीय रोजर फेडरर से था। टेनिस के किसी भी मैच में चार सेट का खेल होता है। एक तरफ 2015 में टेनिस जगत में डेब्यू करने वाले 22 वर्षीय नवयुवक सुमित नागल थे, तो दूसरी तरफ 21 वर्षों से टेनिस की दुनिया में धाक जमाए बैठे रोज़र फेडरर। ऐसे में कोई भी व्यक्ति आसानी से यह कह सकता था कि मुकाबला टेनिस के भगवान कहे जाने वाले फेडरर ही जीतेंगे और हुआ भी यही।

नागल ने चौंका दिया फेडरर को

रोज़र फेडरर ने सुमित नागल से मुक़ाबला तो जीत लिया, परंतु मैच के पहले ही सेट में उनके साथ जो हुआ, उसने उन्हें एक बार तो भयभीत कर ही दिया होगा। दरअसल नागल और फेडरर के बीच हुए मुक़ाबले को लेकर लोगों को यही लग रहा था कि फेडरर 4-0 से यह मुक़ाबला जीत लेंगे, परंतु सुमित नागल ने तो पहले सेट में ही फेडरर को जोरदार झटका दिया। नागल ने पहले सेट में फेडरर को 6-4 से मात दी, तो वहाँ मौजूद दर्शक और दनिया भर के टेनिस प्रेमी लोग दंग रह गए। बाद के 3 सेटों में भले ही फेडरर ने नागल को 6-1, 6-2 और 6-4 से हरा कर मुक़ाबला अपने नाम कर लिया, परंतु पहले सेट में नागल ने टेनिस के भगवान को नानी याद दिला कर अपने उज्ज्वल भविष्य और अनेक संभावनाओं को देश के सामने प्रस्तुत कर दिया। 2 घण्टे 30 मिनट तक फेडरर से मुक़ाबला करने वाले नागल ने शानदार प्रदर्शन कर सबका दिल जीत लिया।

फेडरर ही हैं नागल के आदर्श

सुमित नागल एक नए खिलाड़ी हैं। उनके आदर्श भी रोज़र फेडरर ही हैं। दुनिया में नागल का रैंक 190 है, परंतु वर्तमान दशक में ग्रैंड स्लैम के पुरुष एकल में खेलने वाले वे पाँचवें भारतीय खिलाड़ी हैं। 2010 से लेकर अब तक सोमदेव देवर्मन, युकी भांबरी, साकेत मयनी और प्रजनेश गुन्नेश्वर ही ग्रैंड स्लैम के पुरुष एकल सिंगल में खेले हैं। नागल ऐसा करने वाले इस दशक के पाँचवें भारतीय खिलाड़ी बने हैं। नागल ने फेडरर को ही अपना आदर्श माना है और उनका सपना था कि वे किसी दिन फेडरर के विरुद्ध मैच खेलेंगे। उनका यह सपना तब पूरा हुआ, जब उन्होंने यूएस ओपन में क्वॉलीफायर्स मुक़ाबले में ब्राज़ील के जोआओ मनेजेस को 5-7, 6-4, 6-3 से हरा कर मेन राउंड में जगह बनाई।

निराशाजनक शुरुआत, फिर पलटी किस्मत

16 अगस्त, 1997 को हरियाणा के झज्जर में फौजी पिता सुरेश नागल और माँ कृष्णा नागल के यहाँ जन्मे सुमित नागल को पिता ने ही टेनिस खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित किया। 8 वर्ष की आयु में सुमित ने टेनिस खेलना शुरू किया। सुमित की ट्रेनिंग के लिए पूरे परिवार ने दिल्ली स्थानांतरण कर लिया। 2010 में सुमित पहली बार अपोलो टायर के टैलेंट सर्च कॉण्टेस्ट में चयनित हुए। दो वर्ष तक उन्होंने सुमित को प्रायोजित किया। सुमित ने महेश भूपति की अकादमी से भी प्रशिक्षण लिया। सुमित 9 साल कनाडा, स्पेन व जर्मनी में भी ट्रेनिंग कर चुके हैं। सुमित पहली बार चर्चा में 2015 में तब आए, जब उन्होंने विम्बलडन ब्वॉय्ज़ का डबल्स का ख़िताब जीता। वे जूनियर ग्रैंड स्लैम टाइटल जीतने वाले छठे भारतीय खिलाड़ी बने थे। 2016 में सुमित ने भारत के लिए डेविस कप डेब्यू किया। इस दौरान सुमित वर्ल्ड ग्रुप प्लेऑफ में स्पेन के खिलाफ खेले, परंतु बाद के वर्ष ठीक नहीं रहे। 2017 में सुमित को डेविस कप की भारतीय टीम से ड्रॉप कर दिया, परंतु 2019 में किस्मत पलटी। नागल यूएस ओपन क्वॉलीफायर्स में आत्मविश्वास के साथ उतरे। इससे पहले क्ले कोर्ट में उनका सीज़न काफी अच्छा रहा। चैलेंजर्स सर्किट में उनका खेल बढ़िया रहा था और वह अपने करियर में पहली बार टॉप 200 में जगह बना पाए थे। उन्होंने साल की शुरुआत 350 के बाहर से की थी लेकिन बढ़िया खेल ने उन्हें यहाँ तक पहुँचाया था। नागल ने अपना पहला मेडल चैलेंजर 2017 में जीता था लेकिन वह इस कामयाबी को आगे नहीं ले जा पाए। नागल ने बाद में सर्बियन कोच मिलोस गालेसिस के साथ जर्मनी में ट्रेनिंग शुरू की।

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News · Sports

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