क्यों बंद हो रहे हैं Foreign banks के ATM ?

Foreign Banks

Demonetisation के फैसले के बाद Cashless economy की तरफ हम तेजी से बढ़े हैं। Cashless economy को प्रमोट करने के लिए सरकार ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी है। यही वजह है कि Demonetisation के फैसले के बाद नए ATM की संख्या में ज्यादा वृद्धि देखने को नहीं मिली है। RBI रिपोर्ट की माने तो विदेशी बैंकों के ATM की संख्या में काफी कमी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक 2014 से 2017 के बीच विदेशी बैंकों के ATM की संख्या में 18 फीसदी कमी आई है। सितंबर 2014 में पूरे देश में Foreign banks के 1141 ATM थे। सितंबर 2017 में यह संख्या घटकर 934 पर पहुंच गई।

हालांकि Private sector banks ने ATM का जाल बिछाया है

विदेशी बैंक मसलन Standard Chartered, Citibank, HSBC  लगातार ATM की संख्या कम कर रहे हैं। 2014 में Standard Chartered के 279 ATM थे। अब पूरे देश में केवल  223 ATM हैं। इसी Time period में Citibank के ATM की संख्या 577 से घटकर 549 पर पहुंच गई। जबकि HSBC के ATM की संख्या 143 से घटकर 100 पर पहुंच गई। हालांकि इस दौरान Public sector banks ने ATM का जाल बिछाया है। 2014 में पूरे देश में Public sector banks के 1.2 लाख ATM थे। पिछले तीन सालों में 20 हजार नई ATM मशीनें लगाई गई हैं। इस Time period में Private sector banks ने भी करीब 9400 नई ATM मशीनें लगाई हैं।

कम ATM interchange charge की वजह से ज्यादा फायदा नहीं

इस फिल्ड के Experts का कहना है कि भारत में ATM interchange charge काफी कम है जिसकी वजह से Customers दूसरे बैंकों के ATM का इस्तेमाल करने में नहीं हिचकिचाते हैं। शुरुआत में जब तक ATM का जाल नहीं बिछा हुआ था तो Foreign banks ने इसको अवसर के रूप में देखा। इसका उन्हें फायदा भी मिला। लेकिन Demonetisation के फैसले के बाद Online banking में तेजी आई। Customers approach का तरीका बदल चुका है। बैंक का ज्यादा काम घर बैठे या फिर Smartphone से हो जाता है। Foreign banks के Target customers भी दूसरे लोग हैं। They are tech savvy. ऐसे में ATM नेटवर्क को continue करने में बैंकों का बड़ा बजट जा रहा है जिसका उन्हें कोई लाभ भी नहीं मिल रहा है।

ATM मशीन की जगह Cash recyclers लगाए जा रहे हैं

बात अगर Public sector banks की करे तो अब नए ATM की जगह Cash recyclers लगाए जा रहे हैं। Bank द्वारा अपने ATM channel system में बदलाव लाया जा रहा है। जिन जगहों पर ATM की मांग कम है वहां संख्या कम की जा रही है। पुराने ATM मशीन को बदल कर वहां Cash recyclers लगाए जा रहे हैं। Cash recyclers बिल्कुल ATM की तरह काम करता है। इस मशीन में Withdrawal के अलावा Cash deposit की भी सुविधा होती है। इसके अलावा यह मशीन नकली नोट की भी पहचान आसानी से कर सकती है।

 

 

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