Increasing Crude oil price: “चिंता का विषय”

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Arun Jaitley on Increasing crude oil price; will hamper growth rate.

नई दिल्ली। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मोदी सरकार के वर्तमान कार्यकाल का चौथा पूर्णकालिक बजट पेश किया। बजट में कच्चे तेल की कीमत (Crude oil price) में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर चिंता जताई गई। बजट पेश करने के बाद एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में अरुण जेटली ने कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी को अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय माना।  वित्तमंत्री ने कहा कि इससे महंगाई बढ़ेगी और लंबे समय में इसका असर अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिलेगा।

70 डॉलर पहुंची प्रति बैरल की कीमत

इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी है। अरुण जेटली ने कहा कि हमें इंतजार करना होगा कि यह कीमत और कितना आगे बढ़ती है। सरकार के पास इसका कोई विकल्प भी नहीं है। आगे उन्होंने कहा कि भारत सबसे ज्यादा खरीददारी कच्चे तेल (Crude oil price) की करता है। हम तेल के बहुत बड़े आयातक हैं और जिसकी वजह से अर्थव्यवस्था पर इसका भारी असर पड़ता है। सरकार उम्मीद करती है कि कच्चे तेल की कीमत इससे आगे नहीं बढ़ेगी। दूसरी तरफ सरकार की नजर मॉनसून पर भी है।

मॉनसून पर भी सरकार की नजर

वित्तीय वर्ष 2018-19 के विकास दर को लेकर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि अगर कच्चे तेल की कीमत (Crude oil price) सीमा में रहे और मॉनसून ने साथ दिया तो देश की विकास दर काफी तेज होगी। हमारी अर्थव्यवस्था की रफ्तार बहुत हद तक दोनों पर निर्भर करती है।

12 फीसदी कीमत बढ़ने की संभावना

बजट पेश करने से पहले बजट सत्र के पहले दिन अरुण जेटली ने आर्थिक सर्वे रिपोर्ट 2017 सदन में पेश किया था। आर्थिक सर्वे रिपोर्ट में भी कच्चे तेल की कीमत को लेकर सरकार ने चिंता व्यक्त की थी। रिपोर्ट में कहा गया कि इस साल कच्चे तेल की कीमत में 12 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है जिसका असर ग्रोथ रेट पर दिखेगा।

GDP पर ऐसे दिखता है असर

कच्चे तेल की कीमत (Crude oil price) का अर्थव्यवस्था पर किस तरह प्रभाव पड़ता है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अगर कीमत में 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी होती है तो GDP को करीब 0.2-0.3 फीसदी का झटका लगता है। क्रूड ऑयल की कीमत का सीधा असर करंट डेफिशिट पर भी होता है। कीमत 10 डॉलर प्रति बैरल बढ़ने से करंट अकाउंट डेफिशिट करीब 10 अरब डॉलर से बढ़ जाता है।

ग्रोथ रेट 7.5 फीसदी रहने का अनुमान

नवंबर 2017 के अंत में कच्चे तेल की कीमत करीब 50 डॉलर प्रति बैरल थी जो अब 70 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी है। वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए ग्रोथ रेट का अनुमान 7-7.5 फीसदी रहने का अनुमान रखा गया है।

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