मिडल क्लास को बजट में इस तरह से मिली है छूट

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Arun Jaitley on Increasing crude oil price; will hamper growth rate.

नई दिल्ली। Union Budget 2018 में वित्तमंत्री ने मिडल क्लास को किसी तरह की राहत (Tax relief) नहीं दी है। छोटे करदाताओं को राहत नहीं देने से जुड़े सवाल के जवाब में अरुण जेटली ने कहा कि हमने उन्हें अलग-अलग तरह से राहत दी है। जरूरी नहीं है कि टैक्स स्लैब में बदलाव कर ही छोटे करदाताओं को राहत (Tax relief) दी जाए। उन्होंने कहा कि पिछले 4 साल के दौरान सरकार ने कई तरीके से छोटे करदाताओं को राहत दी है।

3 लाख तक इनकम टैक्स फ्री

अरुण जेटली ने कहा कि 20 हजार से 40 हजार कमाने वाले टैक्सपेयर्स को बहुत पहले राहत दी जा चुकी है। 2.5 लाख से 5 लाख कमाने वालों के लिए टैक्स स्लैब 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। जो लोग 50, 60 हजार रुपए कमाते हैं उन्हें बहुत ज्यादा फायदा मिल रहा है। वित्तमंत्री बनते ही मैंने 2 लाख की जगह 3 लाख की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया।

3 लाख इनकम कैसे है टैक्स फ्री ?

वर्ष 2017-18 के बजट में वित्तमंत्री ने घोषणा की थी कि जो लोग 3.5 लाख रुपए सालाना कमाते हैं उन्हें टैक्स में 2500 रुपए की छूट मिलेगी। ऐसे में जिनकी सैलरी 3 लाख सालाना है उन्हें 50 हजार पर 5 फीसदी के हिसाब से 2500 रुपए टैक्स भरना होता है। लेकिन 2500 रुपए की छूट की वजह से 3 लाख तक की सालान इनकम पूरी तरह से टैक्स फ्री हो गया।

सेविंग्स पर छूट की सीमा बढ़ाई गई

अरुण जेटली ने कहा कि सेविंग्स पर टैक्स छूट की सीमा भी बढ़ा दी गई है। अब सेविंग्स पर 1 लाख की जगह 1.5 लाख रुपए की छूट  (Tax relief) दी गई है। EMI पर छूट 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दी गई है।

अकाउंट बुक मेंटेने करने की जरूरत नहीं

आगे उन्होंने कहा कि मिडल इनकम वाले प्रोफेशनल्स के लिए अकाउंट बुक मेंटेन करने में छूट दी गई है। 50 लाख तक सालाना इनकम वालों को अकाउंट बुक मेंटेन करने की जरूरत नहीं है। इनकम का 50 फीसदी खर्च मान लिया जाएगा और आधी कमाई पर टैक्स देना होगा।

छोटे कारोबारियों को ऐसे मिली राहत

छोटे कारोबारियों को लेकर वित्तमंत्री ने कहा कि 1.5 करोड़ तक टर्नओवर पर व्यापारियों को GST में 1 फीसदी कंपोजिशन देने का ऐलान किया है। जिन व्यापारियों का टर्नओवर सालाना 2 करोड़ रुपए हैं वे अगर अकाउंट बुक मेंटेन नहीं करना चाहते हैं तो 6 फीसदी को इनकम मान कर टैक्स देना होगा।

एकमुश्त छूट दी गई है

ट्रांसपोर्ट अलाउंस डिडक्शन को टैक्स फ्री के दायरे से बाहर करने के सवाल पर अरुण जेटली ने कहा कि दो साल पहले ट्रांसपोर्ट अलाउंस को 800 से बढ़ाकर 1600 रुपए कर दिया गया। हमने अलग-अलग तरीके से मिलने वाले टैक्स बेनिफिट की जगह एकमुश्त 40 हजार का डिडक्शन दे दिया है।

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