इन वजहों से फेल होते हैं Indian startups

Indian startups

 

Startups fail but entrepreneurs don’t.  इसमे कोई दो राय नहीं है कि भारत में Startups के लिए ecosystem बहुत तेजी से विकसित हो रहे हैं इसके बावजूद Indian Startups किसी न किसी वजह से बहुत तेजी से फेल हो रहे हैं। NASSCOM की रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में 55 फीसदी स्टार्टअप फंडिंग मिलने के बावजूद फेल रहे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2016 के मुकाबले 2017 में भारत काफी कम संख्या में स्टार्टअप की शुरुआत हुई। ज्यादातर स्टार्टअप जो फेल रही 2 साल से ज्यादा वक्त तक जूझती रही, आखिरकार उसने दम तोड़ दिया। रिपोर्ट के मुताबिक eCommerce sector की स्टार्टअप सबसे ज्यादा असफल रही हैं। असफल Startups के 50 फीसदी फाउंडर ने कंपनी बंद होने के बाद दोबारा नई नौकरी ज्वाइन कर ली। ये फाउंडर अपनी कंपनी चलाने में तो कामयाब नहीं रहे लेकिन उसकी बदौलत नई नौकरी में बहुत ऊंचे मुकाम को पाया।

भारत ने 1423 पेटेंट फाइल किया

Startups ecosystem के लिहाज से भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है। 2015-16 में जापान ने सबसे ज्यादा 44 हजार 235 पेटेंट फाइल किया था। चीन ने 29 हजार 846 पेटेंट फाइल कर दूसरे स्थान पर रहा। छोटा सा देश साउथ कोरिया ने 14 हजार 626 पेटेंट फाइल किया और भारत केवल 1423 इंटरनेशनल पेटेंट फाइल किया था। इनमें से भी 70 फीसदी पेटेंट MNCs द्वारा फाइल की गई थीं।

Lack of innovative ideas

वर्ल्ड के टॉप Business Universities के सर्वे के मुताबिक Indian startups के असफल होने की सबसे बड़ी वजह lack of innovative ideas हैं। इसी वजह से 90 फीसदी स्टार्टअप पांच साल के भीतर दम तोड़ देती है। 77 फीसदी Venture capitalists का मानना है कि Indian startups lack new technologies or unique business model. इसकी वजह से वे Investment करने से कतराते हैं।

Copy of successful business model

Indian startups

Report के मुताबिक इंडियन स्टार्टअप विश्व के सफल बिजनेस मॉडल की नकल होती है। एक सक्सेसफुल बिजनेल मॉडल को लोकल मार्केट के हिसाब से डिजाइन किया जाता है और उसे सफल बनाने की कोशिश होती है। इसके अलावा failure की एक बड़ी वजह lack of skilled workforce भी है। आइडिया में दम नहीं होने के वजह से इन्हें फंडिंग भी नहीं मिल पाती है। फंडिंग नहीं मिलना दूसरी बड़ी वजह है। 2015 से अब तक 1500 से ज्यादा स्टार्टअप shutdown हो चुके हैं। Innovative ideas की कमी के चलते Startups built wrong product for the market and ultimately shutdown.

GST,  Demonetisation  का भी असर

33000 Startups के स्टडी के दौरान यह भी पाया गया कि हाल के दिनो में लिए गए गंभीर फैसले GST,  Demonetisation की वजह से  भी स्टार्टअप पर काफी बुरा असर पड़ा है। 41 फीसदी स्टार्टअप और SMEs के मुताबिक GST का बुरा असर पड़ा है।

Global Innovation Index में भारत 66 वें पायदान पर

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हम लगातार Innovative ideas की बात कर रहे हैं तो बता दें कि Global Innovation Index (GII) में भारत फिलहाल 66वें पायदान पर है। US based think tank के मुताबिक भारत Human capital बनाने में अब तक असफल रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि शिक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं है हालांकि बेरोजगारी के मद्देनजर Startups को लेकर सरकार गंभीर जरूर नजर आ रही है। Startups India program, Make in India, Ministry for Skill Development and Entrepreneurship का गठन तो जरूर किया गया है लेकिन गठन मात्र से नतीजे सामने नहीं आएंगे।

इसलिए अगर आप Startups की शुरुआत कर रहे हैं तो इन बातों का जरूर ख्याल रखें।

  1. Come with innovative ideas.
  2. Choose right product for the market.
  3. Funding is not the big problem.
  4. Time and Money is precious so spend it wisely.
  5. Human capital has very important role to play.

 

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