भारत की अन्य यूनिवर्सिटी पीछे छोड़कर सबसे आगे राजधानी – दिल्ली

Written by

नई दिल्ली: भारत में कोई एक या दो मशहुर विश्विधालय (University) नही है, बल्कि भारत  (India) में बहुत सी फेमस यूनिवर्सिटीज है। जैसे दिल्ली में – दिल्ली विश्विधालय (DU), गुरु गोबिंद सिंह इन्देर्प्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) आदि, एमिटी यूनिवर्सिटी (AU), चंडीगड़ यूनिवर्सिटी (CU), बंगलुरु यूनिवर्सिटी (BU) , आइआइटी दिल्ली (IIT-Delhi), आइआइटी आहमदाबाद (IIT-Ahmedabad) जैसी अन्य मशहुर यूनिवर्सिटी है। लेकिन इनमे से केवल आइआइटी दिल्ली (IIT-Delhi) और दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi university) ही विश्व में बड़े शिक्षण संस्थानों में ही अपनी जगह ले पाए है। भारत में अनकों उनीवेर्सिटी होने की बावजूद केवल दो विश्वविद्यालय  का ही शिक्षण संस्थानों में आना भारत जैसे देश के लिए बेहद शर्म की बात है।

भारत में अनेको यूनिवर्सिटी में से कुछ डिस्टेंस लर्निंग (distance learning) विश्वविद्यालय भी है, जो स्टूडेंट्स प्राइवेट (private) या सेमी – गवर्नमेंट यूनिवर्सिटी (semi-government) की फ़ीस देने में असमर्थ है, या फिर पढाई के साथ साथ जॉब भी करना चाहते है, यह उनके लिए बेस्ट तरीका होता है। ऐसे में इन विश्विधालय को न भी गिना जाये तब भी बहुत से विश्विधालय भारत में है। असल में भारत के 6 लाख तक़रीबन स्टूडेंट्स विदेश (Foreign) जाकर पढाई कर रहे है, जिसका वार्षिक खर्च भी 20 अराब यानि की लगभग 13 खाराब रूपये होता है। चीन की 80 फीसदी कंपनियां संस्थान के भीतर ही प्रशिक्षण देती हैं, जबकि भारत देश में इसका आधा भी नही है, यहाँ केवल 16 फीसदी है। यही कारण भारत देश की बेरोजगारी (unemployment) भी दर्शाता है। और यह बात वर्ष 2013 की राष्ट्रीय रिपोर्ट में भी साबीत हुआ है कि 25 फीसदी से भी कम  रोजगार की योगिता साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम में कम है। अमेरिका (America) के 49, ब्रिटेन (Britain) के 30, जर्मनी के 11 और चीन एवं ऑस्ट्रेलिया (Australia) के आठ-आठ शिक्षण संस्थानों  द्वारा अपनी जघा बना ली गयी है।

उद्योग संगठन एसोचैम (ASSOCHAM) और यस इंस्टीट्यूट (Yes Institute) द्वारा एक साझा अध्ययन में कहा गया कि शीर्ष वैश्विक प्रचलन से सीख लेना अब देश के लिए जरूरी हो गया है।

Article Categories:
Stream and colleges

Leave a Reply

Shares