एक डॉक्टर जिसने बचाई हजारों लोगों की जान, मिला पद्मश्री सम्मान

Written by
T K Lahiri

डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप कहा जाता है। लेकिन भगवान का दूसरा रूप अब ज्यादा पेशेवर और बदनाम हो चुका है। ज्यादातर डॉक्टर गरीबों का इलाज नहीं करना चाहते हैं। सरकारी डॉक्टरों का ध्यान अपने निजी क्लिनिक पर होता है। वे अस्पताल पहुंच कर मरीजों से कहते हैं कि मेरे क्लिनिक पर मिलो, आगे का इलाज वहीं किया जाएगा। यह घटना आम है। डॉक्टरों का मकसद इलाज करने के बजाए रुपए कमाना हो चला है जिसकी वजह से गरीबों को उचित इलाज नहीं मिल पाता है। आपने बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में देखी होगी जिसमें बड़ा निजी अस्पताल लाश से भी कमाने का मौका नहीं चूकता है। ऐसे में पद्मश्री Cardiologist डॉक्टर T. K. लहरी जो काम कर रहे हैं वह बेहद सराहनीय है। डॉक्टर लहरी जैसे डॉक्टरों की वजह से ही आज भी हम इस बात पर विश्वास करते हैं कि डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप होता है।

वक्त के बहुत पाबंद है डॉक्टर T. K. लहरी

डॉक्टर लहरी देश के सबसे ईमानदार डॉक्टरों में से एक हैं तो ये कहना गलत नहीं होगा। नौकरी के 5 दशक गुजर जाने के बावजूद आज भी इनके पास अपनी कार नहीं है। अपने आवास से अस्पताल ये पैदल पहुंचते हैं। डॉक्टर लहरी समय के इतने पाबंद हैं कि जो लोग इन्हें जानते हैं वे उनके अस्पताल पहुंचने के वक्त से सही समय का अंदाजा लगा लेते हैं।

मरीजों के लिए देवता हैं डॉक्टर T. K. लहरी

डॉक्टर लहरी मरीजों के लिए किसी देवता से कम नहीं हैं। उनकी बदौलत आज लाखों गरीबों का दिल धड़क रहा है। जो लोग पैसे के अभाव में दिल की बीमारी का इलाज नहीं करवा सकते थे उनका इलाज डॉक्टर लहरी ने मुफ्त में किया। फरिश्ता बनकर पिछले पांच दशकों में उन्होंने हजारों को नई जिंदगी दी।

 BHU में Cardiology के प्रोफेसर थे

डॉक्टर TK लहरी BHU में Cardiology डिपार्टमेंट में पिछले पांच दशकों से अपनी सेवा दे रहे हैं। BHU से वे 2003 में ही रिटायर हो गए थे इसके बावजूद उन्होंने सेवा नहीं छोड़ी। रिटायर होने के 15 साल बाद भी वे नियमित रूप से अस्पताल पहुंचते हैं और गरीबों का मुफ्त में इलाज करते हैं। डॉक्टर लहरी को जो पेंशन मिलती है वे उसका बड़ा हिस्सा BHU को दान कर देते हैं।

26 जनवरी 2016 को मिला पद्मश्री सम्मान

उनके सेवाभाव और मरीजों के प्रति लगाव को देखते हुए BHU ने उन्हें इमेरिटस प्रोफेसर का दर्जा दिया हुआ है। देर से ही सही लेकिन सरकार की नजर ऐसे डॉक्टर पर पड़ी और मोदी सरकार ने 26 जनवरी 2016 को डॉक्टर TK लहरी  को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया। उम्मीद करते हैं कि डॉक्टर लहरी को देखकर आज के दौर के पेशेवर गलाकाट डॉक्टरों का जमीर जगेगा, उन्हें इस बात का अहसास होगा कि मरीज उन्हें भगवान का दूसरा रूप मानते हैं। शायद इसलिए डॉक्टर जो कुछ कहता है, मरीज और उसके परिजन आंख मूंदकर उसपर भरोसा करते हैं और जमीन-जायदाद बेचकर भी इलाज करवाते हैं।

 

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