अवनी चतुर्वेदी ने रचा इतिहास, अकेले लड़ाकू विमान उड़ाया

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Flying officer Avni Chaturvedi

नई दिल्ली: Flying Officer अवनी चतुर्वेदी ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि जब कल्पना चावला की मौत हो गई थी, एक स्पेसशिप क्रैश से और इसके बाद जब मेरी मां ने ये खबर टीवी पर दैखी थी तो वह बहुत ही दुखी हुई थी। वह उस समय रोने लगी थी उनको रोते हुए देखकर मैने मां से उस समय कहा था कि मैं भी एक दिन कल्पना चावला बनकर दिखाउंगी। उस समय मैं छोटी थी और उस समया ही मैंने अपने मन में ठान लिया था कि मैं पायलट बनूंगी।

अवनी चतुर्वेदी, भारतीय वायुसेना के Flying Officer

अवनी चतुर्वेदी अभी भारतीय वायुसेना की Flying Officer है। इन्होनें अकेले MiG-21 लड़ाकू विमान उड़ाकर आज इतिहास रच दिया। उन्होने यह उड़ान गुजरात के जामनगर एयरबेस से भराऔर इसको सफलतापूर्वक पूरा भी किया। वह भारत की पहली महिला है जिन्होने ऐसा किया। अवनी चतुर्वेदी मूलतः मध्य प्रदेश के रीव प्रांत की रहने वाली है। इनके पिता इंजीनिय और मां एक गृहणी है। इनको चित्रकारी करना और टेनिस खेलना बहुत पसंद है।

Avni Chaturvedi

वायुसेना में प्रशिक्षण

वायुसेना के अधिकारी के मुताबिक अवनी ने दिनांक 19/2/2018 को जामनगर वायुसेना स्टेशन से यह उड़ान भारी थी। बता दें कि इससे पहले लड़ाकू विमान को उड़ाने के लिए भारत के तीन महिला पायलटों जिसमें अवनी चतुर्वेदी, मोहन सिंह और भावना कांत को कड़ा प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशांत दीक्षित जो कि वायुसेना में एयर कमांडर है उन्होने कहा कि भारतीय वायुसेना और देश के लिए यह बहुत ही बड़ी उपलब्धी है। फिलहाल भारतीय वायुसेना में अभी 94 महिला पायलट है लेकिन ये फाइटर जेट्स नहीं उड़ाती। दुनियां में सिर्फ कुछ ही देश है जहां पर इस तरह की मुकाम को महिलाओं ने हासिल किया है। कुछ चुनिंदा देश जाहां पर महिलायें फाइटर फायलट बन सकती है जो इस प्रकार है- अमेरिका, ब्रिटेन, इजरायल और पाकिस्तान।

बता दें कि 2015 में भारत सरकार ने महिलाऔं को फाइटर पायलट बनने के लिए अनुमति दी थी। वैसे हमारे देश में 1991 से ही महिलाएं ट्रंसपोर्ट एयरक्राप्ट और हेलिकॉप्टर उड़ा रही है लेकिन फाइटर प्लेन से उन्हें दूर रखा गया था। अवनी चतुर्वेदी ने अपनी ट्रेनिंग हैदराबाद की वायुसेना अकैडमी से ली थी।

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