विदेशियों की पहली पसंद बनी मुंबई, न्यूयॉर्क और लंदन से भी आगे निकला

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HSBC Expat survey

मुंबई किस वजह से विदेशियों की पहली पसंद बनी – HSBC Expat survey

एक समय था जब करोड़ों की कमाई करने के लिए लोगों की पहली पसंद यूरोप या अमेरिका हुआ करती थी, लेकिन समय के साथ साथ कुछ स्थिति में सुधार हुआ और अब पूर्व के देश मोटी सैलरी का केंद्र बन गये है। मुंबई भारत का ऐसा शहर है जिसे माया नगरी भी कहा जाता है। इस शहर को भारत का आर्थिक, कमर्शल और एंटरटेनमेंट राजधानी कहा जाता है। इस शहर में बहुत से लोग बड़े बड़े सपने लेकर आते हैं और उसे पूरा करने की कोशिश भी करते हैं। आज यह शहर ऐसा बन चुका है कि केवल यहां पर भारत के कोने कोने से ही लोग नहीं आते बल्कि विदेशियों की भी यह पहली पसंद बन गई हैं। जो विदेशी लोग मोटी सैलरी कमाना चाहते हैं उनके लिए मुंबई ही पहली पसंद बताई जा रही है। यह रिपोर्ट एचबीसी बैंक इंटरनेशनल के एक सर्वे (HSBC Expat survey) से प्राप्त हुआ है। इसके मुताबिक जो विदेशी मुंबई में काम करते हैं उनकी सलाना कमाई 1.40 करोड़ रुपये है जो कि ग्लोबल एक्सपैट ऐवरेज का दोगुना है।

मुंबई सैलरी के मामले में औसत ग्लोबल एवरेज से कम

इस सर्वे के मुताबिक टोप टेन 10 शहरों में शंघाई, हॉन्ग कॉन्ग और जकार्ता जैसे अन्य एशियाई देश भी शामिल हैं। एचएसबीसी के सर्वे के मुताबिक, एशिया में काम करने वाले विदेशियों को आमतौर पर वित्तीय रूप से सहायता किया जाता है। मोटी सैलरी के लिहाजे से भले ही मुंबई नम्बर एक पर हो, लेकिन जॉब के मामले में यह यूरोप और अमेरिका से कम है। यूरोप का टेक हब डबलिन शहर में जॉब के मौके काफी अधिक है। यही कारण है कि सर्वे के मुताबिक यह जॉब के मौके में यह टोप 5 में शामिल तो हो गया लेकिन यहां सैलरी का औसत ग्लोबल एवरेज से कम है।

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