IAS IPS अधिकारियों के लिए नजीर बने डॉक्टर अहमद इकबाल

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IAS Ahmed Iqbal

हमारे देश में सिविल सेवाओं का काफी क्रेज है। सिविल सेवाओं में मिलने वाला रुतबा और समाज के लिए कुछ करने की ललक के कारण बड़ी संख्या में युवा हर साल सिविल सेवाओं का रुख करते हैं। लेकिन यहां एक बात गौर करने वाली है कि सिविल सेवाओं का रुख करने वाले युवाओं में बड़ी संख्या में ऐसे युवा होते हैं, जो पहले ही किसी और क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल कर चुके हैं। ऐसे में सिविल सेवाओं में चुने जाने पर इन युवाओं का पहले हासिल  किया गया ज्ञान तो जाया होता ही है, साथ ही देश के कीमती रिसोर्स भी बर्बाद हो जाते हैं, जो शायद किसी अन्य युवा का जीवन संवार सकते थे। लेकिन उत्तराखंड के चंपावत जिले के डीएम डॉ. अहमद इकबाल इस मामले में अपने सहयोगी IAS और IPS अधिकारियों के साथ ही अन्य युवाओं के सामने भी बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहे हैं।

डीएम भी और डॉक्टर भी

दरअसल डॉ. अहमद इकबाल ने सिविल सेवाओं में आने से पहले साल 2009 में कर्नाटक के कस्तूरबा गांधी मेडिकल कॉलेज से MBBS की डिग्री हासिल की थी। लेकिन साल 2010 में सिविल सेवाओं में चयन होने के बाद डॉ. अहमद इकबाल प्रशासनिक सेवाओं में आ गए और एक तरह से उनका डॉक्टरी ज्ञान पीछे छूट गया। लेकिन डॉ. अहमद इकबाल ने इसका उपाय खोज लिया है।

दरअसल डॉ. अहमद इकबाल ने देशहित में सोचते हुए प्रशासन की जिम्मेदारी के बाद चंपावत के सरकारी अस्पताल में लोगों का मुफ्त इलाज करना भी शुरु कर दिया है। इसके लिए डॉ. अहमद इकबाल ने बाकायदा उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराया है। वहीं डॉ. अहमद इकबाल की इस सराहनीय पहल से आम जनता बेहद खुश है।

देखिए, यहां गौर करने वाली बात यह है कि डॉ. अहमद इकबाल के डीएम रहते हुए डॉक्टर की प्रैक्टिस भी करने से देश के रिसोर्स का बेहतर इस्तेमाल तो हो ही रहा है, साथ ही लोगों की डीएम तक सीधी पहुंच हो गई है, जिससे लोग अपनी समस्या इलाज के दौरान भी डीएम को सीधे बता सकते हैं। इसके साथ-साथ डीएम के खुद सरकारी अस्पताल में मौजूद रहने के कारण अस्पताल में साफ-सफाई सहित दूसरी सुविधाएं बेहतर तरीके से काम कर रही हैं, जिसका सीधा फायदा जनता को ही हो रहा है।

आ सकता है बड़ा बदलाव

गौरतलब है कि सिविल सेवाओं में ऐसे अधिकारियों की भरमार है, जो कि पहले डॉक्टर, इंजीनियर, बैंकर और शिक्षक रह चुके हैं। ऐसे में यदि अन्य अधिकारी भी डॉ. अहमद इकबाल की तरह प्रशासन के साथ-साथ अपनी विशेषज्ञता वाले ज्ञान का समाज की भलाई के लिए इस्तेमाल करें तो इसका हमारे देश और समाज को बड़ा फायदा होगा। हां, हम यह भी मानते हैं कि प्रशासन जैसी बड़ी जिम्मेदारी निभाने के बाद समय निकालना भी बड़ी चुनौती होती है, लेकिन यदि अधिकारी इसकी शुरुआत करें तो आने वाले वक्त में देश की तरक्की पर इसका बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

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