देशभक्ति का जज्बा है तो जानिए क्या है भारतीय सेना का ‘Tour of Duty’ प्रस्ताव

Written by

यदि आपके अंदर देशभक्ति का जज्बा है और आपके मन में भी सेना की वर्दी पहनने की तमन्ना है तो आपके लिए भारतीय सेना एक सुनहरा मौका लेकर आई है।

भारतीय सेना देश के युवाओं के लिए 3 साल का इंटर्नशिप प्रोग्राम लेकर आई है।देश के प्रति  देशभक्ति को युवाओं में जगाए रखने के उद्देश्य से यह  नई योजना तैयार की जा रही है। भारतीय सेना ने यह मानते हुए, की ”हमारे देश में बेरोजगारी एक  वास्तविकता है”, युवाओं के लिए 3 साल  इंटर्नशिप प्रस्तावित की है। इस प्रपोजल के अनुसार यह छोटी और वॉलंटरी इंटर्नशिप ‘Tour of Duty’  उन युवाओं के लिए है जो भारतीय सेना को अपना प्रोफेशन नहीं बनाना चाहते हैं लेकिन सेना के रोमांच का अनुभव करना चाहते हैं।

हालांकि ऐसे उम्मीदवारों के लिए एडमिशन के मानदंडों में कोई भी ढील नहीं दी जाएगी। सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने इस बात की पुष्टि की है कि इस तरह के प्रस्ताव पर चर्चा की जा रही है, और इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि अगर इसे स्वीकार किया जाता है तो टूर ऑफ ड्यूटी अनिवार्य नहीं होगा। जारी नोट के अनुसार सबसे जरूरी बात है इस प्रस्ताव को सरकार ,Armed Forces ,Corporate तथा Students  के लिए  आकर्षक बनाना।सेना का कहना है कि यह “युवा ऊर्जा उनकी क्षमता के सकारात्मक उपयोग में लाने में मदद करेगा और कठोर सैन्य प्रशिक्षण और आदतों को उनके जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करेगा” ।

अब सिर्फ 3 साल के लिए सेना में सेवा देकर युवावर्ग अपने देश की सेवा करके देशभक्ति  चिन्हित कर सकता है।चीन और इजरायल की तरफ देश के युवाओं को भी मिलिट्री ट्रेनिंग देने का सेना ने प्लान तैयार किया है। यह ट्रेनिंग सबके लिए अनिवार्य नहीं है ,यदि आपके मन में इच्छा होगी तब आप army ज्वाइन कर सकते हैं। अगर आपके अंदर देशभक्ति का जोश है और आप भी सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करना चाहते हैं ,लेकिन लंबे समय तक फौज की नौकरी भी नहीं करना चाहते तो आपके लिए अपने अरमानों को पूरा करने का यह एक मौका है। भारतीय सेना एक ऐसा प्रस्ताव लेकर आयी है जिससे देश के युवा 3  सालों तक सेना में तैनात हो सकते हैं। सेना का यह प्रस्ताव ’Tour Of Duty’ पूरी तरह से  वॉलंटरी है। इसके अंतर्गत प्रवेश परीक्षा पास करनी होगी और 9 महीने की मिलिट्री ट्रेनिंग होगी। टूर ऑफ ड्यूटी के अंतर्गत जवानों और अफसरों दोनों की ही तैनाती होगी। यदि आप फिट है ,टैलेंटेड है और आपके पास डिग्री है तो युवाओं के लिए आर्मी में 3 साल के लिए नौकरी का यह सुनहरा मौका है।Tour of Duty प्रस्ताव से  सेना का भी फायदा होगा और सेना का  खर्च  घटेगा, यही नहीं सेना में युवाओं की संख्या भी बढ़ेगी। सेना को 3 साल की सेवा में पेंशन और ग्रेच्युटी नहीं देनी होगी। एक अनुमान के मुताबिक यदि कोई अधिकारी 10 साल के बाद सेना छोड़ता है तो उस पर 5 करोड़ का खर्च आता है, इसी तरह यदि सेना में कोई अधिकारी 14 साल तक रहता है तो उस पर करीब सात करोड़ का खर्च आता है। टूर आफ ड्यूटी के अंतर्गत सिर्फ 3 साल में अधिकारी की तैनाती पर 80 से 85 लाख का खर्च आएगा । इस तरह जो पैसा बचेगा वह सेना को  आधुनिक बनाने में प्रयोग होगा।सेना में सेवा देने का मौका सिर्फ  आम नौजवानों को ही नहीं है, योजना यह भी है कि अर्धसैनिक बलों में तैनात अधिकारी भी 7 साल के डेपुटेशन पर तैनात किए जाएं। 7 साल पूरे हो जाने पर भी वापस अपनी सर्विस में लौट जाएंगे।युवाओं के 3 साल के लिए टूर आफ ड्यूटी के पीछे वजह यह भी है कि कॉर्पोरेट जगत में भी सेना से रिटायर ज्यादातर उन्हीं लोगों को मौका मिलता है जो युवा है ऐसे में देश सेवा का का जज्बा भी पूरा होगा और आगे की  बेहतर जिंदगी की गारंटी  भी।

ऐसा अनुमान है कि पूरे देश को 3 वर्षों की इंटर्नशिप किए हुए प्रशिक्षित अनुशासित आत्मविश्वास मेहनती युवा पुरुषों और महिलाओं से लाभ होगा और एक शुरुआती सर्वे ने संकेत दिया है कि corporate क्षेत्र भी fresher की बजाय इंटर्नशिप किए हुए trained ग्रेजुएट को नौकरी पर रखना पसंद करेगा।

यह देखते हुए कि प्रस्तावित योजना सीमित रिक्तियों के साथ फिलहाल परीक्षण के आधार पर होगी, सेना ने कहा है कि यदि यह प्रयोग सफल पाया जाता है तो इसका बड़े स्तर पर विस्तार किया जाएगा.

Article Categories:
News · Youth Corner

Leave a Reply

Shares