इंटर्नशिप कैसे किया जाता है? – Entrance Exam

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Entrance exam

नई दिल्ली: क्लास 12th के बाद हर एक स्टूडेंट की इच्छा होती है  कि वह किसी एक अच्छी University के अच्छे कॉलेज से Professional Course या Graduation करे। जैसा की आप जानते ही है, Competition सारी हद पार करके बेहद आगे निकल गया है। इसी बीच आच्छे कॉलेज में एडमिशन लेना भी मुश्किल हो गया है। सभी यूनिवर्सिटीज के अपनी-अपनी Eligibility Criteria होती है।  जैसे भारत की  ड्रीम यूनिवर्सिटी D.U(यूनिवर्सिटी ऑफ़ डेल्ही) दिल्ली विश्वविद्यालय है। जहां पर एडमिशन लेना लगभग 70 प्रतिशत स्टूडेंट्स का सपना होता है। जिनमें से कुछ को ही एडमिशन मिल पाता है। D.U. में एडमिशन क्लास 12th की परसेंटेज के अकॉर्डिंग मिलता है। ऐसे ही दिल्ली कि जानीमानी यूनिवर्सिटी GGSIPU (गुरु गोबिंद सिंग इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी) है। जहां की एडमिशन  Eligibility Criteria 12th के 50%से 60 प्रतिशत पर शरू होता है और Entrance Exam देना आनिवार्य होता है। Entrance Exam में भी जिसकी रैंक सबसे कम होती है उसका ही एडमिशन अच्छे कॉलेज में हो पाता है। इसके अलवा मैनेजमेंट कोटा  से भी इसमें एडमिशन लिया जा सकता है। जिसकी डोनेशन लगभग 3 लाख के करीबन होती है। ऐसी ही कुछ यूनिवर्सिटी में से एक यूनिवर्सिटी यूपी के मेरठ CCSU(चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी ) है। जहां पर एडमिशन 12th के 50%से 60 प्रतिशत पर होता है।

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देखा जाये तो किसी भी Professional Course के प्लेसमेंट की तयारी के 1st इयर स्टार्ट होते ही करवाने लगते हैं। प्रोफेशनल कोर्स  BBA की बात की जाये तो इसमें PDCS (पर्सनालिटी डेवलपमेंट एंड कम्युनिकेशन स्किल्स) जैसे सब्जेक्ट पर काफी ध्यान दिया जाता है। 1st इयर में ही इंडस्ट्री विस्ट  होने लगते हैं जिसमें फोर्मल्स जरूरी होती है साथ ही रिज्यूमें बनाना और Communication Improvement भी करवा दिया जाता है। 2nd इयर आते ही Entrance Exam के लिए फॉर्म्स तक भरवा दिए जाते हैं, प्लेसमेंट से पहले इंटर्नशिप को बहुत बड़ा महत्व दिया गया है।

इंटर्नशिप में स्टूडेंट को लगभग 70 प्रतिशत प्लेसमेंट के लिए रेडी कर जाता है। इंटर्नशिप में बहुत सी कंपनिया आती है। इंटर्नशिप 2nd इयर के फाइनल्स के बाद होती है, जून और जुलाई के वोक्स्न्ल में जिसमें स्टूडेंट द्वारा स्टूडेंट और प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवाई जाती है, जिसकी नॉलेज होनी बहुत जरूरी है। फाइनल्स में इनके मार्क्स भी दिए जाते है और इसकी नॉलेज प्लेसमेंट के लिए जरूरी है। इंटर्नशिप के लिए स्टूडेंट्स को pay भी किया जाता है और सर्टिफिकेट भी दिया जाता है।

इंटर्नशिप यूनिवर्सिटी के कॉलेज कैंपस द्वारा ही आयोजित की जाती है और कोई स्टूडेंट बाद में भी इंटर्नशिप करता है तो वह भी करवाई जाती है। लेकिन उसका भी अपना एक Eligibility criteria होता है जिसमें उसको अपने कैंपस द्वारा प्रदान किये गये identity card और कॉलेज फैकल्टी की डिटेल्स देनी होती है तभी इंटर्नशिप करवाई जाती है|

इंटर्नशिप 2 प्रकार की होती है पेड और अनपेड। अनपेड इंटर्नशिप नॉन प्रॉफिट आर्गेनाईजेशन द्वारा होती है। साल 2018 में भी (ISP 9.0) (इन्तेर्शाला स्टूडेंट पार्टनर प्रोग्राम) का 9th एडिशन launched हुआ है जो पुरे भारत के कॉलेज को करवाता है।

इंटर्नशिप का बेनिफिट प्लेसमेंट में काफी तक मिलता है जिसके द्वारा अच्छी जॉब भी मिल जाती है।

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Exam & Results · Internships · Youth Corner

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