मिलिए JNU के एक ऐसे ‘कन्हैया’ से, जिस पर आपको लज्जा नहीं आएगी, बल्कि गर्व होगा !

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अहमदाबाद, 17 जुलाई 2019 (युवाPRESS)। दिल्ली का जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर चर्चा के केन्द्र में है, परंतु इस बार कन्हैया कुमार जैसे छात्र संघ नेता के कारण नहीं, अपितु वहाँ के एक सुरक्षा गार्ड की वजह से। इस बार चर्चा के केन्द्र बने जेएनयू को किसी देश विरोधी गतिविधि के चलते शर्मिंदगी नहीं झेलनी पड़ रही है, बल्कि जेएनयू अपने एक छात्र को लेकर स्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर रहा है।

अब जेएनयू शर्मिंदा नहीं, गौरवान्वित महसूस कर रहा

दरअसल जवाहरलाल नेहरू विश्व विद्यालय यानी जेएनयू के एक 34 वर्षीय सुरक्षा गार्ड ने ऐसा कुछ कर दिखाया है जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था। उसके इसी कीर्तिमान को लेकर जेएनयू न सिर्फ चर्चा का केन्द्र बन गया है, बल्कि इस गार्ड पर गर्व भी अनुभव कर रहा है। राजस्थान के करौली जिले के एक छोटे से गाँव भजेड़ा का रहने वाला रामजल नौकरी करने के लिये दिल्ली आया था। यहाँ उसे जेएनयू में सुरक्षा गार्ड की नौकरी मिली थी। तीन बच्चों के पिता रामजल ने परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के बीच भी राजस्थान यूनिवर्सिटी से राजनीतिक विज्ञान, इतिहास और हिंदी में ग्रेज्युएशन की थी। 2003 में शादी हुई और वह 2014 से जेएनयू में सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर रहा है। रामजल अपनी तीन बहनों की शादी का भी भार उठा चुका है। रामजल पत्नी और तीन बच्चों के साथ दिल्ली में एक किराये के कमरे में रहता है। सुरक्षा गार्ड के रूप में वह 15 हजार रुपये महीने कमाता है। हिम्मतवान रामजल का एक सपना था कि वह विदेशी भाषा सीखकर विदेशों में घूमे। इसी सपने को पूरा करने के लिये जेएनयू में रशियन भाषा में BA ऑनर्स की पढ़ाई करने का हौसला जागा और नौकरी के दौरान छात्रों को उच्च शिक्षा का अध्ययन करते हुए देखकर उसका हौसला बढ़ा। उसे काम करने के साथ-साथ आगे की पढ़ाई करने की प्रेरणा मिली। इस प्रेरणा को उसने दृढ़ संकल्प में बदल दिया और ड्यूटी करते-करते समय निकालकर जेएनयू में एंट्रेंस टेस्ट की तैयारी भी कर ली। इस तैयारी के दौरान रामजल को कुछ प्रोफेसर्स तथा स्टूडेंट्स की भी मदद मिली, परंतु परीक्षा की तैयारी के दौरान ड्यूटी में कोई कमी रह जाती तो उसे डाँट भी खानी पड़ती थी।

पास किया एंट्रेंस टेस्ट, अब रशियन लैंग्वेज में करेगा BA

उल्लेखनीय है कि रामजल की मेहनत फल गई है और उसने एंट्रेंस टेस्ट पास करके जेएनयू के छात्रों, प्रोफेसर्स तथा कर्मचारियों में आदि में तहलका मचा दिया है। अब रामजल जेएनयू से पोस्ट ग्रेज्युएशन कर रहे हैं और रशियन लैंग्वेज में BA ऑनर्स की पढ़ाई करेंगे। जेएनयू से पढ़ाई करने के बाद रामजल सिविल सर्विसेज का एग्जाम देने के इच्छुक हैं ताकि वह अपने जीवन में कुछ अच्छा कर सकें। अभी तो रामजल की चिंता इस बात को लेकर है कि वह नौकरी करते हुए किस तरह पढ़ाई पूरी करेंगे।

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