देश भर मे एससी/एसटी के दंगे के बाद राज्य कोटा ने आरक्षण बंद करने से किया साफ़ इनकार – एमसीआइ (MCI)

Written by

नई दिल्ली: भारत में मेनेजमेंट कोटा (Management Kota) हर वर्ष अपना महत्व तब दिखता है, जब 12वीं कक्षा के बाद वह कॉलेज में एडमिशन लेता है, और रैंक अधिक आने के कारण उसका एडमिशन नहीं हो पाता तो वह मेनेजमेंट कोटा (Management Kota) के द्वारा एडमिशन लेते है। इसके अलवा मेडिकल कॉलेज की बात की जाये तो एमसीआइ ने राज्य कोटा (Kota) में एससी/एसटी (SC/ST) के छात्रो के आरक्षण (reservation) को ख़त्म करने से स्पष्ट तरीके से इनकार कर दिया है। कोटा पहले भी पीजी में एससी/एसटी (SC/ST)  के छात्रों का आरक्षण  (reservation) करता था और अब भी यही सिलसिला जारी रहने वाला है। इस पहले भी पिछले हफ्ते में मेडिकल पीजी में एमसीआइ (MCI) ने एडमिशन के लिए अन्य सुधारो के लिए भी सहमती की हरी झंडी दे दी है।

जानकारी के मुताबिक मेडिकल के लिए पीजी (P.G) में अब सीट बढ़ानी आसान हो चुकी है। एमसीआइ (MCI) के अंडर आने वाले कॉलेज में अब एक प्रोफेसर पर तीन छात्रों और असिस्टेंट प्रोफेसर (Assistant Professor) पर दो छात्रों का एमडी में नामांकन (nomination) किया जा सकता है। हालाँकि अभी तक असिस्टेंट प्रोफेसर पर एक एमडी छात्र का नामांकन किया जाता था और प्रोफेसर पर दो का नामांकन (nomination) किया जाता था। सभी मेडिकल कॉलेज के लिए एमबीबीएस (MBBS) शुरू के 3 वर्ष के अंतर्गत एमडी (M.D) की पढ़ाई करना आवश्यक कर दिया गया है। क्योकि बभी तक अधिकतर मेडिकल कॉलेज में केवल एमबीबीएस की ही पढाई होती है, लेकिन अब दोनों करना अनिवार्य है। साथ ही जिन डॉक्टर्स ने दुर्गम और दुरस्त क्षेत्रों में प्रैक्टिस करने वाले एमबीबीएस  (MBBS) के डाक्टरों को एमडी के नामांकन में मिलने वाली ग्रामीण एरिया (rural areas) को भी एनरोल कर दिया गया है।

आज 5 अप्रैल 2018 को एमडी की ओर से नये बजट आने की सम्भावना भी है। जहा एडमिशन (admission) लंबे के तहत स्टूडेंट्स 1 से अधिक राज्ये के कॉलेज में सीट सुरक्षित कर लेते थे, जिसकी वजह से एमडी (M.D)  की कई सीटें खाली रह जाती थी। लेकिन अब ऐसा नही होगा। अब कौंसलिंग (counselling) के बाद सीट छोड़ने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जायगी और और दूसरी कौंसलिंग (counselling) नामांकन नहीं लेने वाले छात्रों की जमा सिक्यूरिटी जब्त (security forfeit) कर ली जाएगी। इसके अलावा मॉप-अप राउंड में भाग लेने के बाद छात्र आगे किसी कौंसलिंग (counselling) में भाग नहीं ले सकेगा।

Leave a Reply

Shares