महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग से जुड़ी कुछ खास तथ्य और जानकारियां

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Stephen Hawking Scientist

नई दिल्ली: यू तो इस संसार में बहुत से वैज्ञानिक हुए हैं जिन्होने लोगों के भलाई के लिए इतने काम किये हैं जिनको दुनियां भुला नहीं सकती है। संसार में मनुष्य की सोचने की शक्ति और आविष्कार करने की ईच्छा शक्ति से बड़ा कोई चीज नहीं होती है। मनुष्य चाहे तो किसी भी परिस्थित में अपने आप को ढाल सकता है लेकिन ऐसा केवल कुछ ही लोग कर पाते हैं जिनमें से एक है महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग (Stephen Hawking Scientist)।

महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग (Stephen Hawking Scientist)

शायद हम में से कुछ ही लोगों ने इनका नाम सुना होगा लेकिन फिर भी आज आपको इनके बारे में जानना और समझना चाहिए। स्टीफन हॉकिंग का जन्म 8 जनवरी 1942 को इंग्लैण्ड में हुआ था। इनका अवास स्थान यूनाइटेड किंगडम था। इनका पूरा नाम स्टीफन विलियम हॉकिंग था। इन्होने अपनी शिक्षा यूनिवर्सिटी कॉलेज, ऑक्सफ़ोर्ड ट्रिनिटी हॉल, कैम्ब्रिज से पूरी की थी। इनके पास 12 मानद डिग्रियां थीं। इन्होने ने संसार को बताया था कि धर्म और विज्ञान के बीज में एक बुनियादी अंतर है । एक ओर जहां धर्म आस्था और विश्वास पर टीका है तो दूसरी ओर विज्ञान अवलोकन और कारण पर टीका हुआ है।

भौतिक विज्ञान के जानकार

स्टीफन हॉकिंग (Stephen Hawking Scientist) विश्व प्रसिद्ध ब्रितानी भौतिक विज्ञानी, ब्रह्माण्ड विज्ञानी (एक खगोल विज्ञान की शाखा), लेखक और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में सैद्धांतिक ब्रह्मांड विज्ञान केन्द्र के शोध प्रबंधक थे। स्टीफन हॉकिंग कई लोकप्रिय विज्ञानिक पुस्तकों के लेखक भी थे, जिनमें से “अ ब्रिफ हिस्ट्री ऑफ टाइम, द यूनिवर्स इन अ नटशेल और द ग्रैंड डिजाईन जैसी किताबे मुख्य हैं।

ब्लैक होल की खोज की

Stephen Hawking- Black holesब्रह्मांड के ब्लैक होल के बारे में इन्होने ने ही दुनियां को बताया था। Stephen Hawking Scientist ब्लैक होल और महाविस्फोट सिद्धांत(बिग बैंग सिद्धांत) को समझने में मुख्य भूमिका निभाई थी। इन्होने ने ही बताया था कि ब्लेक होल बहुत छोटे छोटे होते हैं लेकिन ये ऊर्जा के बड़े स्रोत होते हैं, अगर इन पर वैज्ञानिक खोज की जाये तो भविष्य में हमारी ऊर्जा की जरुरतों को पूरी किया जा सकता है। इनको अमेरीका का सबसे उच्च नागरिक सम्मान भी प्राप्त था। न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक 14 मार्च 2018 को सुबह में इनकी मृत्यु 76 साल की उम्र में हो गई थी। इन्होने दुनियां को ब्रह्मांड के कई सारे रहस्यों को खोजने में सहयोग दिया था।

मानव प्रजाति को बचाने के लिए सुझाव

एक बार स्टीफेन हॉकिंग (Stephen Hawking Scientist) ने कहा था कि यदि मानव प्रजाति को बचाना है तो आने वाले 100 वर्षों में हमें पृथ्वी से अलग किसी दूसरे ग्रह पर अपने निवास स्थान की खोज करनी पड़ेगी। इस बात का जिक्र उन्होंने एक सिद्धान्त के माध्यम से लोगों को बताया। स्टीफेन हॉकिंग ने कहा था कि आने वाले 1000 से 100000 सालों में पृथ्वी पर क्लाइमेट चेंज, महामारी, एस्टेरॉयड से पृथ्वी का टकराने या फिर जनसंख्या वृद्धि के कारण कोई बहुत बड़ा हादसा हो सकता है। अगर वक्त रहते हमनें ब्रह्मांड में कोई दूसरा निवास स्थान नहीं ढूंढा तो मानव प्रजाति को बचाना मुश्किल हो सकता है।

एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस नामक बीमारी से पीड़ित

स्टीफेन हॉकिंग एक एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (ALS) नामक बीमारी से पीड़ित थे। यह एक लाइलाज बीमारी होती है। 21 साल की उम्र में वह इस बीमारी का शिकार हो गये थे। इस बीमारी के कारण धीरे धीरे उनके शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। यह एक ऐसी बीमारी होती है जिसमें शरीर के कई अंग के ल्यूरौन सेल्स खत्म हो जाते हैं और दिमाग से अंगों तक सूचना पहुंचना बंद हो जाता है। जिस कारण Stephen Hawking Scientist व्हीलचेयर पर ही रहते थे। इस बीमारी से पीडि़त व्यक्ति 2 से 5 साल तक ही जिंदा रहते हैं लेकिन यह पहले ऐसे शख्स थे जो बीमारी से पीड़ित रहने के बावजूद 55 साल तक जीवित रहें। यह एक चमत्कार नहीं तो और किया है जिस बीमारी के कारण लोगों की मौत सिर्फ 5 के अंदर हो जाती है और ये 55 वर्ष तक जीये। कहते हैं न इरादे मजबूत हो तो भगवान भी उसका साथ देते हैं ऐसा ही इनके साथ हुआ। जब इनको इस बात का पता चला तो वे बहुत ही दुखी हुए लेकिन इन्होने हिम्मत नहीं हारी।

स्टीफेन हॉकिंग दुनिया भर में मौजूद विकलांग लोगों के साथ सामान्य लोगों की भी प्रेरणास्रोत साबित हुए। बता दें कि Stephen Hawking Scientist 90 प्रतिशत विकलांग थे लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने अपनी क्षमताओं के बल पर अपने आप को एक महान वैज्ञानिक के रूप में साबित किया। नयूज रिपोर्ट के मुताबिक Stephen Hawking Scientist के वीलचेयर के साथ एक कम्प्यूटर लगा हुआ था जो उनकी जुबान को पढ़ता थाऔर स्पेशल कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर से उसे Keywords में बदल देता था जो एक स्क्रीन पर दीखाई जाती थी और यह वील चेयर से जुड़ा हुआ था। ऐसा कर्मठ व्यक्ति, मुश्किलों से लड़ने की अदभुत क्षमता रखने वाले व्यक्ति को हमारा लाखों लाख सम्मान। संसार ऐसे व्यक्ति को हमेशा याद रखेगी, ऐसा व्यक्ति न इस संसार में पहले हुआ है और न होगा।

Stephen Hawking Scientist Quotes

स्टीफेन हॉकिंग के तरह भारत के अन्य वैज्ञानिक

स्टीफेन हॉकिंग के तरह ही हमारे देश में भी बहुत सारे महान वैज्ञानिक पैदा हुए है जिन्होनें ने अपने प्रतिभा के दम पर भारत को विश्व गुरु का दर्चा दिलाया था। भारत पहले ज्ञान और विज्ञान की धरती कही जाती थी। दुनिया में ऐसा कोई भी विषय नहीं था जिस पर हमारे पूर्वजों ने शोध न किया हो। आयुर्वेद, विज्ञान और गणित के क्षेत्र में भारत के प्राचिन वैज्ञानिकों ने पूरी दुनिया को बहत अधिक ज्ञान दिया था जिसका आज भी दुनिया लोहा मानती है। बहुत सार इतिहासकारों ने बताया है कि दुनिया भर से विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने पहले भारत आया करते थें, लेकिन फिर भी भारत के लक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालय को वो सम्मान और नाम नहीं मिला जितना Oxford, Cambridge और Harvard यूनिवर्सिटी का है। यहां पर इसका जिक्र सिर्फ इसलिए किया हूं क्योंकि कहीं न कहीं हम इसके लिए जिम्मेवार है। स्टीफेन हॉकिंग (Stephen Hawking Scientist) के तरह ही हमारे वैज्ञानिक आर्यभट, चरक, होमी जहाँगीर भाभा और ए पी जे अब्दुल कलाम आदि भी महान वैज्ञानिक हुए है। लगता है हम अपने वैज्ञानिक के अदर्शों और मूल कथनों को भूलते जा रहै हैं।

युवाप्रेश का विचार

“जिस तरह हम महान वैज्ञानिक स्टीफेन हॉकिंग को आज याद कर रहे हैं, उसी तरह से हमें अपने वैज्ञानिकों को भी याद करना होगा और उनके प्रतिभा को याद करके अपने अंदर ईच्छा शक्ति को जाग्रित कर भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने के लिए काम करना होगा और हमें महान वैज्ञानिक स्टीफेन हॉकिंग के द्वारा किये गये कार्य को भी हमेशा याद रखना होगा।”

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