नेताजी सुभाष चन्द्र बोस और श्री लाल बहादुर शास्त्री को क्यूँ और किसने मारा?

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Subhas chandra bose and Shri Lal bahadur shastri death mystery

नई दिल्ली: एक समय युवाओं के मन में प्रश्न था कि कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा ? कभी खुद से सवाल क्यों नहीं किया कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस और श्री लाल बहादुर शास्त्री को क्यूँ और किसने मारा?  Subhas chandra bose और Shri Lal bahadur shastri की death mystery क्या है पता लगायें? काल्पनिक पात्र को छोड़, उन विषयों को सोचों जिसकी वजह से भारत विश्वगुरु था?

2015 में एक फिल्म आई थी जिसका नाम “बाहुबली द बिगिनिंग” थी जो बहुत अच्छी चली थी और इसको देखने के बाद में युवाओं के मन में एक प्रश्न उठा था कि “कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा ?” । लोगों के मन में ये इतना घर कर गया कि जब इस फिल्म का सीक्वल अथार्थ दूसरा पार्ट आया जिसका नाम था “बाहुबली द कन्क्लूजन”, जिसको देखने पर लोगों को जवाब मिल गया और फिल्म बहुत अधिक हिट भी हुई।

Netaji Subhas chandra bose और Shri Lal bahadur shastri के मौत का रहस्य

अब सवाल ये उठता है कि इस देश में लाखों युवा है जो कहते हैं कि मेरा देश सबसे प्यारा है और मेरे अंदर देश भक्ति की भावना कूटकूट कर भरी हुई है तो उस समय देश प्रेम की भावना कहा चल जाती है जब यह सवाल उठता है कि “नेताजी सुभाष चन्द्र बोस (Netaji Subhas chandra bose) और श्री लाल बहादुर शास्त्री (Shri Lal bahadur shastri) को क्यूँ और किसने मारा?” इनकी मृत्यु से हमारे देश का बहुत बड़ा नुक्सान हुआ था। ये वे महापुरुष थे जिनका हमारे देश को आजादी दिलाने में बहुत बड़ा योगदान था। इनकी रहस्यमयी मौत का राज आज भी खुल नहीं पायी है। Netaji Subhas chandra bose और Shri Lal bahadur shastri के मृत्यु जैसी दुर्भाग्यशाली घटनाओं से देश की पटरी ही बदल गई थी।

Subhas chandra bose and Shri Lal bahadur shastri death mystery

काल्पनिक पात्र को छोड़, इन विषयों का पता लगाओं…

आज के युवाओं जरा ये सोचे कि हमसे कहां कहां गलतियां हुई है, आप काल्पनिक चरित्र कटप्पा से बाहर निकलो और वो पूछों जो तुम और तुमारे वजूद से जुड़ा है। आप लोग ये पता लगाओं कि हम लोग 1000 साल तक गुलाम क्यों रहे थें। आप लोग यह भी पता लगाओं कि जो देश सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और वैज्ञानिक रूप से सशक्त और मजबूत था, कभी विश्व गुरू था…वे सारे ज्ञान कहां और कैसे खत्म हो गया।

जरा सोचों कभी जिस देश को सोने की चिड़िया कहां जाता था उसके पंख कैसे कतर दिए गयें। आप पता लगाओं कि हमें आजादी मिलने के बाद भी हमारे बच्चों को देश के लुटेरों के बारे में क्या और क्यूँ पढ़ाया जाता है। पाकिस्तान जैसे दुश्मन और स्थायी रोग किसने भारत को दिया, उस समय हुआ क्या था। भारत का मुकुट धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर को नासूर बनाने का बीज नेहरू ने क्यों और कैसे बोया था।

आप उस समय की बात को याद करो जब नेपाल के महाराजा के भारत विलय के प्रस्ताव को 1952 में नेहरू ने क्यों ठुकारा दिया था? आप इसका पता लगाओं कि जब 1953 में UNO में भारत को स्थायी सीट देने के लिए अमेरिका के प्रस्ताव को नेहरू ने क्यों खो दिया था? और इसके बाद वह सदस्यता चीन को कैसे मिल गई थी। 1954 में नेहरू ने तिब्बत को चीन का भाग मान लिया था इसके बाद 1962 उसी रास्ते से चीन ने हम पर हमला किया और इसमें हमारी हार हुई थी। इस तथ्य को कभी जानने की कोशिश करों कि तिब्बत हारने के बाद नेहरू ने क्यों कहा था कि वो तो बंजर जमीन है कोई बात नहीं लेने दो उसे।

आप उस पल को जरा सोचो जब चीन से हार का दोषी नेहरूको मंत्रालय की संयुक्त समिति ने सिद्ध किया था तब नेहरू को जरा भी लाज नहीं आई थी। पता लगाओं कि जब चीनी सेना अरुणाचल, असम, सिक्किम में घुस आई थी तब नेहरू ने ‘हिन्दी चीनी भाई भाई’ का राग अलापते हुए भारतीय सेना को ऐक्शन लेने से क्यों मना किया था।

मेरे देश के युवा आप खुद उस कारण की खोज करों जिसकी वजह से कैलास पर्वत और मानसरोवर तीर्थ चीन के हिस्से में नेहरू की ग़लती से चले गए? ऐसे और भी बहुत सारी गलतियां हुई है जिनको ढूंढने की कोशिश करों और उसके कारण का पता लगाओं।

हे मेरे देश के युवा अपनी दिशा, दशा और सोच बदलो। यह समय मजाक का नहीं, कुछ कर दिखाने का है।

अब समय आ गया है जब आप फिल्मों के काल्पनिक पात्र को छोड़कर देश के उन लोगों के बारे में पता करों जिसकी वजह से हमारा देश विश्वगुरु बना था। उन्होने क्या किया था जिसकी वजह से हमारा सम्मान विश्व में सबसे ऊपर था।

 

“इस पोस्ट को पढ़ने और समझने के बाद मुझे ऐसा लगा कि मैं इसे आपके पास शेयर करू, इसलिए शेयर किया है। मैं किसी पोस्ट को शेयर करने के लिये नहीं कहता पर इसे शेयर करो ताकि अधिक से अधिक लोगों तक यह पहुंच सके। हमारे इस प्रयास से हो सकता है कि हम फिर वही मुकाम हासिल कर ले जो पहले हमारा विश्व में था।”

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