Good Touch और Bad Touch के बारे में अपने बच्चों को बताना क्यों जरूरी है?

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Good Touch and Bad Touch

वैसे आमतौर पर कहा जाता है कि बचपन इतना प्यारा होता है कि उसे जिस सांचे में ढाला जाये वह ढल जाता है। जब बच्चे का जन्म होता है तो वह कली के समान होता है और बाहर की दुनियां में आकर वह फूल बन जाता है। लेकिन आज वक्त और समाज इतना बदलता जा रहा है कि इस दुनियां में दया भाव जैसी बातों के लिए, कोई जगह नहीं बची है। अब समय आ गया है कि अपने बच्चों को घर में Good Touch और Bad Touch की शिक्षा दी जायें। क्योंकि बच्चपन में बच्चों को इसके बारे में पता नहीं होता है जिसका फायदा अपराधी उठाते हैं।

आजकल जो माहौल चल रहा है उसमें बच्चों को केवल यौन शिक्षा देने से काम नहीं चलेगा। अब बच्चों को Good Touch और Bad Touch के बारे में बताना जरूरी हो गया है। आजकल के माहौल को देखकर कभी कभी यह समझ में नही आता कि क्या यह वही भारत भूमि है जहां प्राचिणकाल

Good Touch and Bad Touch Education

में देवता भी जन्म लेने के लिए तरसते थे, लेकिन आजकल के माहौल की वजह से ऐसा लगता है कि इस भूमि पर आज देवता तो क्या दैत्य भी जन्म लेना पसंद नहीं करेंगे। इसलिए वक्त आ गया है कि अब हमें बदना होगा।

बच्चों के सेफ्टी को देखते हुए, युवाप्रेस ने गहन रिसर्च करने के बाद, यहां पर Good Touch और Bad Touch की शिक्षा बच्चों को कैसे दी जाये, इसके बारे में लिखा है। आप इन टीप्स को ध्यानपूर्वक पढ़े और बच्चों को अपने अनुसार बताये कि यह क्या होता है और आपकी सुरक्षा किसमें है।

बच्चों के लिए Good Touch और Bad Touch की शिक्षा

1. सबसे पहले अपने बच्चों के साथ फ्रैंक बरताव रखे तथा उनके साथ फ्रेंडली रहे। इससे फायदा यह होगा कि बच्चे आपको अपनी सारी अच्छी तथा बुरी बाते बतायेंगे। जब बच्चे अपने अच्छे और बुरी बाते बताये तो उनको यह समझाये कि क्या Good Touch होता है और क्या Bad Touch। छोटे बच्चों को जानवर, पशु या पंक्षी का उद्धरण देकर समझाया जा सकता है।

2. आप बच्चों को बता सकते हैं कि जब हम पौधे पर बैठी हुई तितली को पकड़ने की कोशिश करते हैं, तो वह उड़ जाती है और हमारे पकड़ में नहीं आती, अथार्त तितली को भी नहीं पसंद की उसे कोई Touch करें।

3. जब आप क्यूट से डोगी को रस्ते में देखते हैं और टच करने लगते हैं, वह खुद को टच नहीं करने देता और भोकने लगता है, क्योंकि ये उसे अच्छा नहीं लगता। अथार्त पशु को भी पता है कि Good Touch और Bad Touch क्या होता है।

4. अगर घर में तीन चार साल के बच्चे हो तो उन्हे अपना नाम, माता – पिता का नाम, घर का पता और एक या दो फोन नंबर याद करवा देना चाहिए। वैसे देखा जाये तो बच्चों को कुछ याद करा पाना थोड़ा मुश्किल जरुर है लेकिन नामुमकिन नहीं।

5. छोटे बच्चे असानी से किसी पर भी विश्वास कर लेते हैं। इसलिये बच्चों को यह बताना जरुरी है कि जिन्हें वह नहीं जानते, उनसे किसी चीज को लेना या उनके साथ कहीं जाना ठीक नहीं है।

6. अक्सर बच्चे लंच नहीं खाते तो पैरेंट्स फिक्रमंद होते हैं और आप उन्से पूछते भी है कि आज लंच खाया या नहीं। लेकिन अब यह पूछना भी जरुरी हो गया है कि किसी ने कुछ कहा तो नहीं। जब तुम टॅायलेट जाती हो तो तुम्हारे साथ कौन होता है, स्कूल में कोई परेशान तो नहीं करता।

7. बच्चो में आत्मविश्वास जगाए और कहे कि यदि आप सही है तो किसी से डरने की जरूरत नहीं।

8. बच्चो को समझाये कि यदि कोई कहता है कि हमारे बीच यह सीक्रेट है, मम्मी पापा को मत बताना, ऐसी बात हमें जरुर बताना बेटा, क्योंकि मम्मी पापा आपसे बहुत प्यार करते हैं बेटा। इसलिए आप हमसे हर सीक्रेट को शेयर करें।

9. बच्चों को यह समझाये कि कौन लोग अनजान होते है और कौन पहचान वाले। यदि कोई अनजान व्यक्ति आप से कहे कि आपके मम्मी पापा बुला रहे हैं तो उनके साथ न जाये।

10. बच्चे में हो रहे सामान्य या जटिल बदलाव को बहुत ही गंभीर होकर समझाये। यदि आपके बच्चे में किसी प्रकार से कोई बदलाव आपको दिखाई दें तो उससे प्यार पूर्वक बात करें और उसे सुलझाये।

11. बच्चों को गोद में लेना, चूमना आम सी बात है लेकिन कुछ विकृत मानसिकता वाले लोग बच्चों के मासूमियत से खिलवाड़ करते हैं। ऐसे लोगों पर नजर रखें। बच्चे को बतायें कि यदि किसी के गोद में जाना आपको अच्छा नहीं लगता तो हमे बताएं।

12. बच्चे को बताये कि यदि किसी का छुना आपको पसंद नहीं है तो हमें बताये हम उसे बिलकुल भी नहीं डाटेंगे।

13. अंत में हम आपको यह कहना चाहेंगे कि इसके साथ साथ बच्चों को यौन शिक्षा भी दें। यह एक बहुत ही संवेदनशी विषय है। जितना मुश्किल इस विषय पर बच्चों के साथ बात करना होता है उतना ही बच्चों को इसका समझना। इसलिए बातों को आराम और धैर्यपूर्वक समझायें।

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News · Youth Corner · Yuva Exclusive

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