आज के युवा सेल्फ़ी लेने के चक्कर में Selfie Addictionका शिकार क्यों हो रहे है?

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Selfie Addiction

नई दिल्ली: Technology के जमाने में आज science  ने सभी मनुष्य के जीवन में अंधेरे को पीछे छोड़ उजाले की रौशनी उत्पन कर दी हैं। अगर गैजेट्स के मामले में देखा जाये तो अधिक से भी अधिक उपयोग होने वाला यंत्र केवल मोबाइल बन गया हैं। कामकाजी व्यक्तिओं के लिए ही नहीं बल्कि अब तो यह बच्चे से लेकर हर मनुष्य (human being) के लिए भी ज़रूरी और उपयोगी हो गया हैं। पहले तो इसका प्रयोग केवल फ़ोन करने या सुनने के लिए किया जाता था लेकिन पिछले काफी वर्षों से इसमें मोजूद camera ने हसीन यांदे कैद करने का सुन्हेरा मोका भी दे दिया है। पहले डिजिटल Camera को हर जगह ले जाना संभव नहीं होता था लेकिन साइंस ने इस समस्यां का समाधान भी निकल दिया है। आज अधिकतर फोन में camera मोजूद होता है, फिर चाहे वो Android मोबाइल फ़ोन हो या फिर कीपैड। अब युवा सेल्फ़ी लेने के लिए इन कैमरे का इस्तेमाल करते हैं । कुछ युवा सेल्फ़ी के शौकीन हो जाते हैं और इसी शौक के चक्कर में वे Selfie Addiction का शिकार हो जाते हैं।

बैक camera के साथ साथ अधिकतर फोन में फ्रंट camera (Selfie) भी पाया जाता हैं। तकरीबन 6-7 वर्षो से फ्रंट camera का उपयोग काफी चलन में हैं। हर दिन सोशल मीडिया पर फ्रंट camera से ली गयी लाखों selfie पोस्ट की जाती हैं। आज Yuva selfie के अधीन हो चुके हैं। Selfie लेना आम बात हैं, लेकिन selfie लेते हुए घटना का शिकार हो जान बेहद दुःख की बात है। selfie लेना भी यांदे संजोता है।

Yuva selfie लेते हैं, अनेक अनेक जगह से एवम अपनी, अपने परिवार के साथ, दोस्तों आदि लोगों के साथ। लेकिन गलत तरीके अथार्थ गलत जगह ली गयी selfie जैसे रेल की पटरी पर, चलती हुई ट्रेन के पास खड़े होकर या फिर ट्रेन के ब्रिज पर किसी दूसरी ट्रेन के आने के कारण रुक जाने पर, इस प्रकार का selfie लेना बेहद खतरनाक साबित होता हैं। इस कारण न जाने कितने लोगों के घर उजड़ जाते हैं, और न जाने कितने लोगों के चिराग Selfie Addiction होने के कारण भुज जाते हैं।

दीवाने हुए अंधे

Selfie Addiction ने हजारों युवाओं को अपने एडिक्शन के चलते अंधा बनाकर रख दिया। selfie लेने में युवा इस कदर अंधे हो गये हैं कि उन्हें बेमतलब बेमौत का शिकार होना पड़ता है। तक़रीबन भारत एक मात्र ऐसा देश बन गया हैं कि selfie के कारण हुई बेमौत में पहला स्थान प्राप्त कर लिया है।

Artificial लुक्स हुए जरूरी – Selfie Addiction से पीड़ित युवाओं की माने तो, जब तक selfie में उन्हें अपने लुक्स Perfection के साथ नहीं दिखाई देते तब तक selfie उन्हें perfect नहीं दिखाई देती। Makeover के साथ साथ वह चाहते हैं, कि उनकी बॉडी लैंग्वेज (position) ड्रेस और बैकग्राउंड भी खुबसूरत दिखना चाहिए।

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News · Youth Corner · Yuva Exclusive

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